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मरीज 300 और डाक्टर एक

Divya Himachal 2017-08-11 00:00:00

सोलन  – क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में उपचार करवाना मरीजों के लिए इतना आसान नहीं है। एक ओपीडी के बाहर प्रतिदिन 250 से 300 मरीजों की भीड़ लगी होती है। मरीजों को जांच करवाने के लिए कई घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे अधिक भीड़ महिला रोग विशेषज्ञ व मेडिसिन विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर रहती है।  जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में शिमला, सोलन और सिरमौर जिला से उपचार करवाने के लिए मरीज आते हैं। बीते तीन दशक से अस्पताल के स्टाफ में कोई भी इजाफा नहीं किया गया है, जबकि मरीजों की संख्या इस दौरान तीन गुना बढ़ी है। नियमों के अनुसार 200 बेड अस्पताल में 32 डाक्टरों का होना जरूरी हैं, हैरानी की बात है कि अभी भी अस्पताल में मात्र 22 डाक्टर ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एमबीबीएस डाक्टरों  की संख्या 10 से 12 होनी चाहिए, ताकि रात्रि ड्यूटी व आपातकाल के दौरान ड्यूटी लगाई जा सके, लेकिन अस्पताल में मात्र दो से तीन एमबीबीएस हैं जिसकी वजह से विशेषज्ञ डाक्टरों की ड्यूटी ओपीडी के अलावा अन्य जगह पर लगाई जा रही है। डाक्टरों के अभाव की वजह से मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डाक्टर की कमी अस्पताल के स्टाफ पर भारी पड़ रही है। दिन भर में एक डाक्टर ओपीडी में बैठकर 40 मरीजों की जांच कर सकता है, लेकिन मरीजों संख्या अधिक व डाक्टरों की कमी के कारण एक  ओपीडी में प्रतिदिन 250 से 300 मरीजों की जांच की जा रही है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक मरीज को डाक्टर कितना समय दे पाता है। इसके अलावा क्षेत्रीय अस्पताल में एक्स-रे टेक्नीशियन भी एक ही है।इसी प्रकार लैब टेक्टीशियन तथा फार्मासिस्ट के भी कई पद रिक्त पड़े हैं। जिसकी वजह से काफी अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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