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वित्त वर्ष 2017-18 में 7.5 फीसद जीडीपी ग्रोथ हासिल करना कठिन

Hindustanvarta 2017-08-11 19:20:44

नई दिल्ली . वित्त मंत्रालय ने अपने छमाही आर्थिक समीक्षा में बोला है कि वित्त साल2017-18 में 7.5 फीसद जीडीपी ग्रोथ हासिल करना कठिन है. मंत्रालय ने बोला कि चालू वित्त सालके लिए अनुमानित 6.75 से 7.5 फीसद जीडीपी ग्रोथ के उच्चतम स्तर को प्राप्त करनें में कुछ जोखिम हैं. इस आर्थिक समीक्षा को आज लोकसभा में पेश किया गया.

क्या होती है आर्थिक समीक्षा: आर्थिक समीक्षा में राष्ट्र के भीतर विकास का रुझान कैसा रहा, राष्ट्र के किस एरिया में कितना निवेश हुआ, कृषि समेत अन्य उद्योगों का कितना विकास हुआ, योजनाओं को किस तरह अमल में लाया गया इनके बारे में विस्तार से बताया जाता है. यह संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाता है. इससे पिछले वर्ष की आर्थिक प्रगति का लेखा-जोखा मिलता है. साथ ही नए वित्त साल में आर्थिक विकास की राह क्या होगी, इसका अनुमान भी लग जाता है.

आर्थिक समीक्षा की खास बातें: इस छमाही आर्थिक समीक्षा में वित्त साल 2019 के लिए फूड सब्सिडी 1.75 लाख करोड़ होने का अनुमान लगाया गया है, जबकि वित्त साल 2020 में फूड सब्सिडी के 2 लाख करोड़ होने का अनुमान है. वित्त साल 2019 के लिए जहां एक ओर फर्टिलाइजर सब्सिडी के 70,000 करोड़ रुपए के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है, वहीं वित्त साल 2020 में भी यह आंकड़ा इतना ही रह सकता है. अगर रेवेन्यू एक्सपेंडीचर की बात करें तो वित्त साल 2019 में यह 1.99 लाख करोड़ रुपए रह सकता है जबकि वित्त साल 2020 के लिए रेवेन्यू एक्सपेंडीचर 22.06 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया है.

अगर कर आय की बात करें तो वित्त साल 2018-19 में इसके 15 फीसद बढ़ने का अनुमान वहीं वित्त साल 2019-20 में यह 14.5 फीसद तक बढ़ सकती है. साथ ही वित्त साल 2019 में पेट्रोल सब्सिडी के 18,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है जबकि वित्त साल 2020 में पेट्रोल सब्सिडी के 10,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया है. इसके अतिरिक्त वित्त साल 2019-20 में पेंशन भुगतान के 1.56 लाख करोड़ रहने का अनुमान है. साथ ही जीडीपी में कैपेक्स का सहयोग 1.8 फीसद होने का अनुमान लगाया गया है.