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योगी जी इधर भी देख लीजिए! मारफीन में जेल भेजने की धमकी पर सुबेहा पुलिस ने वसूले एक लाख

Indian Letter 2017-08-11 20:31:10

Posted By Vineet Verma on 11 August 2017 20:31 pm | 0 comments


बाराबंकी: योगीराज में पुलिस अधिकारियों का कहर बेगुनाहों पर लगातार जारी है। छापा मारकर बेगुनाहों को पकड़कर उठा लाते हैं और बड़ी गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जेल भेजने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूल लेते हैं। पैसा वसूलने के बाद भी यह पुलिस अधिकारी उन बेगुनाहों को छोड़ते नही हैं बल्कि किसी न किसी धारा में जेल जरुर भेज देते हैं। जिसका जागता उदाहरण गत् दिनों थाना सुबेहा में देखने को मिला।

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जहां के प्रभारी निरीक्षक ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक बेगुनाह व्यक्ति को एनडीपीएस में जेल भेजने की धमकी देकर उससे एक लाख रुपये वसूल लिये। जानकारी के अनुसार, बीती 29 जुलाई की रात को 8 बजे थाना सुबेहा के एक पुलिस उपनिरीक्षक अपने साथ में चार सिपाहियों को लेकर कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र के ग्राम भिखरा निवासी राजेन्द्र सिंह पुत्र लक्ष्मन सिंह के हाईवे किनारे स्थित होटल पर पहुंचे। पहले इन पुलिसकर्मियों ने वहां पर खाना खाया और बाद में राजेन्द्र सिंह को अपनी एक निजी बोलेरो गाड़ी में बैठाकर वहां से चले आये।



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प्रदेश के मुख्यमंत्री से पीड़ित ने की शिकायत, पुलिस दे रही है धमकी

राजेन्द्र बार-बार पूछता रहा कि मेरा कसूर क्या है लेकिन पुलिसकर्मियों ने राजेन्द्र को गाड़ी के अन्दर ही मारना पीटना शुरु किया। उसके बाद इन लोगों ने राजेन्द्र को सुबेहा थाने के हवालात में बंद कर दिया। उसके बाद उपनिरीक्षक ने राजेन्द्र सिंह से कहा कि एक लाख रुपये की व्यवस्था करो नही तो तुमको आधा किलो मारफीन में जेल भेज दूंगा। जहां तुम पूरी जिंदगी जेल में बंद रहोगे। जब राजेन्द्र ने कहा कि साहब मैं गरीब आदमी हूं।

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इतना पैसा मेरे पास नही है तो वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि अभी तुमने हाइवे किनारे अपनी जमीन बेची है मुझसे झूठ मत बोलो जेल जाने से बचने के खातिर राजेन्द्र ने अपने फोन पर से अपने नाते रिश्तेदारों के माध्यम से किसी तरह से एक लाख रुपये इकट्ठा किया और रात को ही एक लाख रुपये सुबेहा थाना प्रभारी को सौंप दिया।

पैसा पाने के बाद राजेन्द्र ने कहा कि मुझे अब तो घर जाने दो लेकिन दूसरे दिन 30 जुलाई की सुबह सुबेहा थानाध्यक्ष ने राजेन्द्र को अवैध असलहे के साथ में कमेला चौराहे पर गिरफ्तारी दिखा करके जेल भेज दिया। किसी तरह से जमानत कराने के बाद जब राजेन्द्र वापस लौटा तो पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत सबसे पहले क्षेत्राधिकारी हैदरगढ़ उसके बाद में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी से जाकर की। लेकिन इन पुलिस अधिकारियों ने बेगुनाह राजेन्द्र की शिकायत पर कोई ध्यान नही दिया।

आखिरकार मजबूर होकर पीड़ित ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगायी। घटना के बारे में पीड़ित ने रोते हुए बताया कि आज तक मेरे विरुद्ध किसी भी थाना क्षेत्र में कोई भी मुकदमा नही दर्ज है। पूरी ईमानदारी से होटल चलाकर अपने और अपने घर परिवार की जीविका चलाता हूं। लेकिन सुबेहा पुलिस ने मुझे असलहा दिखाकर जेल भेजा और मारफीन से जेल जाने से बचने के खातिर मुझसे एक लाख रुपये ठग लिया।

उसने यह भी बताया कि मैने जिन जिन लोगों से पैसा उधार लिया है उसने जांच पड़ताल कर सारी हकीकत भी जानी जा सकती है। वहीं इस सम्बन्ध में सुबेहा थाना प्रभारी का कहना था कि राजेन्द्र को अवैध असलहे के साथ पकड़ा गया था और उसको भेज भेजा गया। एक लाख रुपये की अवैध वसूली सिर्फ कोरी बकवास है सारे आरोपी पुलिस पर झूठे आरोप लगाया करते हैं। कुल मिलाकर सुबेहा थाना प्रभारी चाहे जितनी सफाई दें चोर के दाढ़ी में तिनका जरुर कहीं न कहीं नजर आ रहा है। वैसे पीड़ित ने एक पखवारे के अन्दर पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही न किये जाने पर लखनऊ मुख्यालय पर आमरण अनशन की चेतावनी भी दी है।