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नागालैण्ड: लिजित्सु गुट की मांग, राज्यपाल को वापस बुलाए केन्द्र

Daily Hindi News 2017-08-12 16:38:57


कोहिमा। नागालैण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री शिरहोजेली लिजित्सु के समर्थक गुट ने राज्यपाल पी.बी.आचार्य को वापस बुलाने की मांग की है। नगा पीपुल्स फ्रंट(एनपीएफ) के लिजित्सु गुट का कहना है कि राज्यपाल ने राज्य में टी.आर.जेलियांग के नेतृत्व वाली असंवैधानिक सरकार स्थापित की है। कोहिमा में राजभवन के समक्ष चार दिवसीय धरने को लॉन्च करते हुए एनपीएफ की युवा शाखा के सैंकड़ों सदस्यों ने राजभवन का घेराव किया। हालांकि राज्यपाल पी.बी.आचार्य उस वक्त राजभवन में नहीं थे। वे उप राष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद थे। एनपीएफ विधायक यिताचु ने कहा, अगर भारत सरकार को सही में नगा लोगों के भविष्य की चिंता है तो उसे राज्य के राज्यपाल के रूप में बेहतर व्यक्ति को भेजना चाहिए जो भारत के संविधान के मुताबिक काम कर सके।


यिताचु को लिजित्सु का वफादार माना जाता है। यिताचु ने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया कि पी.बी.आचार्य को वापस बुलाया जाए और ऐसे व्यक्ति को राज्यपाल पद पर नियुक्त करें जिसे संविधान का जानकार हो और जो लोगों के कल्याण के लिए काम कर सके। आपको बता दें कि एनपीएफ गंभीर आंतरिक संकट का सामना कर रही है,खासतौर पर टी.आर.जेलियांग के 19 जुलाई को दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद। जेलियांग को एनपीएफ के 36, भाजपा के चार और सात निर्दलीय सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।



लिजित्सु के नेतृत्व वाली एनपीएफ ने अपने 20 विधायकों को बर्खास्त कर दिया था जबकि 10 को निलंबित कर दिया था। इन सभी के खिलाफ इसलिए कार्रवाई की गई क्योंकि लिजित्सु गुट का मानना था कि उन्होंने पार्टी के संविधान का उल्लंघन किया और सरकार को हटाने में जेलियांग का सहयोग किया। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद लिजित्सु गुट ने सबसे पहले जेलियांग को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला था। जेलियांग ने विधानसभा अध्यक्ष इम्तिवापांग ए. के समक्ष दो याचिकाएं दाखिल की है। इनमें एनपीएफ के 10 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।