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चीन की भारत को लेकर एकतरफा प्यार, एकतरफा तकरार की नीति

Indian Letter 2017-08-12 20:50:13

Posted By Vineet Verma on 12 August 2017 20:50 pm | 0 comments


नई दिल्ली: चीन भारत के खिलाफ दो धारी नीति लेकर काम कर रहा हैं जहां डोकलाभ विवाद को लेकर वहां भारतीय सेना के साथ जंग चाहता है वहीं दूसरी ओर हिंद महासागर में वहां भारतीय नेवी के साथ हाथ मिलाना चाहता है। क्योंकि पिछले दिनों डोकलाम को लेकर भारत से जारी तनाव के बीच चीन ने कहा कि हमारे बड़े हथियार सिर्फ खिलौने नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर चीन ने यह भी कहा कि उसकी नौसेना हिंद महासागर की सुरक्षा बरकरार रखने के लिए भारतीय नेवी से हाथ मिलाना चाहती है।

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बता दें कि चीनी नौसेना ने शुक्रवार को इस तनाव के बीच भारतीय मीडिया को अपना युद्धपोत यूलिन दिखाया और इसके साथ ही वहां तैनात हथियारों की जानकारी दी। चीन ने तटीय शहर झानजियांग में अपने सामरिक दक्षिण सागर बेड़े (एसएसएफ) के अड्डे को पहली बार भारतीय पत्रकारों के एक समूह के लिए खोला है। इसके साथ ही पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के अधिकारियों ने कहा कि हिंद महासागर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक साझा स्थान है।



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चीनी सेना अपना रही विस्तारवादी नीति

इस मौके पर चीन के एसएसएफ के जनरल ऑफिस के उप प्रमुख कैप्टन लियांग तियानजुन ने कहा,मेरी राय है कि चीन और भारत हिंद महासागर की संरक्षा एवं सुरक्षा के लिए संयुक्त तौर पर योगदान कर सकते हैं। उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की जब चीन की नौसेना अपनी वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर विस्तारवादी रवैया अपना रही है।

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उन्होंने हिंद महासागर में चीनी युद्धपोतों और पनडुब्बियों की बढ़ती सक्रियता को भी स्पष्ट किया, जहां चीन ने पहली बार ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ में जिबूटी में एक नौसैनिक अड्डा स्थापित किया। विदेश में चीन के पहले नौसैनिक अड्डे की स्थापना पर हो रही इस आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि इससे चीन के बढ़ते प्रभाव में और तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि यह एक सुविधा केंद्र के तौर पर काम करेगा।

इसके साथ ही समुद्री डकैती के खिलाफ अभियान, संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा अभियान और क्षेत्र में मानवीय राहत मिशन का समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि जिबूटी के अड्डे से चीनी नौसैनिकों को आराम करने की भी जगह मिल सकेगी। लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि विदेश में चीन का पहला सैन्य अड्डा स्थापित करना अपनी वैश्विक पहुंच बढ़ाने की पीएलए की महत्वाकांक्षा के अनुसार ही है।