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बुलेट ट्रेन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का शिल्यानाश पितृपक्ष में!

Newstrack Hindi 2017-09-11 21:04:38

नई दिल्ली : भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में अपने तीसरे मंत्रिमंडल विस्तार को पितृपक्ष की वजह से बेहद हड़बड़ी में पिछले सप्ताह अंजाम दिया हो, लेकिन देश में पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की बहुप्रतिक्षित घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को पितृपक्ष को ही चुनना पड़ा। सरकार के हल्कों में माना जा रहा है कि पितृपक्ष के दौरान इतनी अहम परियोजना पर काम आरंभ करने का कार्यक्रम संभव है कि हड़बड़ी में तय हुआ होगा और मेहमान प्रधानमंत्री की भारत यात्रा की तारीख तय करते वक्त कहीं न कहीं बहुत बड़ी चूक हुई है।

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हालांकि रेल मंत्री पीयूष गोयल से जब संवाददाताओं ने इस बारे में सवाल किया तो वे पूरे बचाव में थे। उनका कहना था कि पितृपक्ष के दौरान देश में सभी काम होते हैं। उड़ानें और रेल गांड़ियों का परिचालन नहीं रुकता तो बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम आरंभ करने में क्या बुराई है।

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आगामी बुधवार को सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे। इसके लिए जापान के प्रधानमंत्री सिंजो अबे बाकायदा पीएम मोदी के साथ साबरमति के निकट एक विशाल समारोह में खुद मौजूद रहेंगे। 508 किमी की अहमदाबाद-मुंबई की इस परियोजना का 351 किमी गुजरात, 156 किमी महाराष्ट्र व 2 किमी का क्षेत्र दादरा नगर हवेली के क्षेत्र में आएगा।

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जापान से 1,08,000 यानी एक लाख आठ हजार करोड़ रूपए का सस्ता लोन मिलेगा। केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने आज यहां रेल भवन में जल्दबाजी में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में हाई स्पीड रेल परियोजना पर काम आरंभ होने की घोषणा की।

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उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे के इतिहास में 14 सितंबर को एक नया इतिहास रचा जाएगा क्योंकि देश में हाईस्पीड ट्रेनों की नई कार्यप्रणाली पर औपचारिक तौर पर काम आरंभ होगा। बकौल उनके इस परियोजना को पूर्व योजना के अनुसार 2023 में पूरा होना था लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे 2022 में एक साल पहले ही पूरा करने का खाका खींच चुके हैं। इस कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन 250 घंटे प्रति किमी की तेज गति से चलेगी। तथा मात्र दो घंटे में ही यात्री अहमदाबाद से मुंबई पहुंचने में कामयाब हो सकेंगे।

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सरकार के एजेंडे पर छह और बुलेट ट्रेन हैं। ये रूट हैं दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-चंडीगढ तथा दिल्ली-नागपुर, तथा मुंबई से चेन्नई। ज्ञात रहे कि केंद्र सरकार ने हाई स्पीड रेलवे कॉरपोरेशन की पहले ही स्थापना कर दी है।