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आतंकवादीयों को पैसे उपलब्ध कराने के संदेह से पाकिस्तान के ‘हबीब बैंक’ को अमरीका से खदेड़कर बाहर किया

Pratyaksha Mitra 2017-09-12 14:28:55

नई दिल्ली: पाकिस्तान में आतंकवादियों को सुरक्षित आश्रय देना रोका नहीं तो पाकिस्तान को बहुत कुछ गवाना होगा यह इशारा अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने दिया था। इस प्रस्ताव को इनकार करने पर पाकिस्तान को अमरीका ने परिणामों का एहसास कराने की शुरुआत की है। पाकिस्तान की सबसे बड़ी निजी एवं बहुराष्ट्रीय बैंक होने ‘हबीब बैंक’(एचबीएल) को अमरीका से बाहर खदेड़ ने की बात कहकर पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका दिया है। हबीब बैंक से हुए १३ हजार से अधिक व्यवहार संदेहजनक होने का आरोप रखते एचबीएल को २२ करोड़ डॉलर्स का जुर्माना भी अमरीका ने थोंपा है।

पाकिस्तान की एचबीएल बैंक पिछले ४० वर्षों से अमरीका में कार्यरत थी। दुनिया के २५ देशों में इस बैंक की शाखा है। अमरीका के एचबीएल शाखा से अब्ज़ो डॉलर्स अल-कायदा जैसे आतंकी संगठन से संबंधित होने वाले बैंक को ट्रांसफर किए गए हैं। इनमें सऊदी अरेबिया में अल राझी इस निजी बैंक का समावेश है। यह पैसा अल-कायदा तक पहुंचने का संदेह व्यक्त किया जा रहा है।

बैंक से जो संदेहजनक व्यवहार हुए हैं एवं अब्ज़ो डॉलर्स ट्रांसफर हुए है, वह ‘मनी लौंडरिंग’ नहीं है और वह पैसा आतंकियों को नहीं मिला है यह एचबीएल को अमरीकी यंत्रणा को समझाने में सफलता नहीं मिली है। एचबीएल के पास इन संदेहजनक व्यवहार के बारे में स्पष्टीकरण नहीं है, ऐसा अमरीका के स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ़ फाइनेंस सर्विस ने (डी.एफ.एस.) कहा है। ‘डीएफएस’ अमरीका की परदेसी बैंक की नियंत्रक संस्था है।

सन २०१६ में डीएफएस के बैंक रिस्क मैनेजमेंट विभाग ने एचबीएल से होने वाले व्यवहार की जांच की थी और उस समय गुनहगारों से संबंधित एवं बंदी होने वाले संस्थाओं से संबंधित अनेक व्यवहारों की जांच ना करते एचबीएल ने मंजूरी देने की बात सामने आयी है। यह व्यवहार आतंकवादी एवं अंतर्राष्ट्रीय शस्त्र व्यापारी से संबंधित है।

एचबीएल से होने वाले संदेहजनक व्यवहार के बारे में लगातार अमरिकन प्रशासन ने बैंक को याद दिलाया था पर फिर भी इन बैंकों के संदेहजनक व्यवहार शुरू रहे। इस संदर्भ में एचबीएल को अपने बचाव के लिए बहुत अवसर दिए गए थे, डीएसएफ के अधीक्षक मारिया वुलो ने यह स्पष्ट किया है। आतंकियों को सहायता एवं अमरीका की अर्थव्यवस्था को धक्का लगाना यह बातें सहन नहीं की जाएगी, ऐसा मारिया वुलो ने एचबीएल पर कार्रवाई करते हुए स्पष्ट किया है। एचबीएल को अपना पंजीकरण वापस करने की बात कहते, एचबीएल को २२ करोड़ डॉलर्स का जुर्माना भी लगाया गया है।

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