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छत्तीसगढ़ चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले में बीजेपी को मिलेगा फायदा : रमण सिंह

Nedrick News 2017-09-12 15:51:32

विवादों से घिरे होने के बाद भी जोगी कांग्रेस के परम्परागत मतों को प्रभावित करने की स्थिति में है। कितना प्रभावित करेंगे यह तो देखना होगा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों में त्रिकोणीय मुकाबला होने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा मिलना तय है। रमन सिंह ने बताया अगले वर्ष के चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के भी पहली बार मैदान में होने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अगर त्रिकोणीय मुकाबला होता है,तो निश्चित रूप से भाजपा को इसका फायदा होगा। विवादों से घिरे होने के बाद भी जोगी कांग्रेस के परम्परागत मतों को प्रभावित करने की स्थिति में है। कितना प्रभावित करेंगे यह तो देखना होगा।

उन्होने कहा कि देश में अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही कांग्रेस की राज्य में स्थिति बदहाल है। नेता से लेकर कार्यकर्ता तक हताशा की स्थिति में हैं। राज्य में कांग्रेस के हुए विभाजन और जोगी के अलग पार्टी बना लेने से उत्पन्न स्थिति से ऊबर पाना उसके लिए आसान नहीं है। राज्य में जिन लोगों के हाथ में पार्टी की कमान है,वह स्वयं ही आरोपों से घिरे हुए हैं।

कांग्रेस के हाल ही में नए प्रदेश प्रभारी पी.एल.पुनिया की नियुक्ति होने तथा पुनिया के लगातार सक्रिय रहने के बारे में पूछे जाने पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नया-नया दायित्व मिला है तो जाहिर है कि वह दौरे करेंगे,  बैठक भी करेंगे लेकिन उनके पास राज्य में कुछ खास करने को इसलिए नही रह गया क्योंकि निचले स्तर पर पार्टी का जनाधार ही समाप्त हो गया है।

डॉ. रमन सिंह ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि हर चुनाव अलग-अलग तरीके से लड़ा जाता है और हर चुनाव के मुद्दे भी अलग होते हैं। पिछले चुनावों में वह जब चुनावी समर में उतरे उस समय केन्द्र में यूपीए की सरकार थी जबकि इस बार एनडीए सरकार है जिसमें भाजपा को अकेले ही बहुमत हासिल है। उन्होने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार का काफी फर्क इस बार के चुनाव में देखने को मिलेगा। भाजपा पहले से भी ज्यादा उत्साह और विश्वास के साथ चुनावी समर में उतरेगी।

राज्य में लगभग आधी विधानसभा सीटें आरक्षित होने के कारण क्या उन्हें नहीं लगता कि विशेष परिस्थिति के चलते विधान परिषद का गठन होना चाहिए, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कतई नही। उन्होंने कहा कि वह विधान परिषद के गठन के पक्ष में पहले भी नहीं रहे और अब भी उनकी राय यही है।