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किसान चक्काजाम UPDATE: राजस्थान में नाराज़ धरतीपुत्रों को मनाने में जुटी सरकार, इन मांगों पर बनी सहमति

Patrika 2017-09-13 11:53:56

कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी ने बताया कि किसान प्रतिनिधिमंडल से हुई वार्ता में कर्ज माफी, समर्थन मूल्य, स्वामीनाथन रिपोर्ट सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई

जयपुर।

राजस्थान में कर्ज माफी सहित ग्यारह सूत्री मांगों पर मंगलवार को यहां राज्य सरकार और किसानों के बीच बातचीत हुई, जिसमें कुछ बिन्दुओं पर सहमति बनी हैं जबकि किसानों ने मांगों को लेकर राज्य के विभिन्न मार्गों पर चक्का जाम किया।

 

बातचीत के बाद कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी ने मीडिया को बताया कि किसानों के प्रतिनिधिमंडल से हुई वार्ता में सरकार ने किसानों को उनकी मांगों पर संतुष्ट करने का प्रयास किया और कर्ज माफी, समर्थन मूल्य, स्वामीनाथन रिपोर्ट सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

 

उन्होंने बताया कि सरकार समर्थन मूल्य के मुद्दे पर विचार करेगी। इसी तरह स्वामीनाथन रिपोर्ट पर कुछ बिंदुओं को छोड़कर सहमति बनी हैं जिसमें किसानों को उनकी फसल का 50 प्रतिशत मूल्य अधिक मिले इस बारे में राज्य सरकार केन्द्र को चिट्ठी लिखेगी।

 

सैनी ने बताया कि कर्ज माफी सहित कई मुद्दों पर बुधवार को किसानों के साथ एक बार फिर बातचीत की जायेगी। उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है और हल निकल आएगा।

 

सैनी ने बताया कि अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र ज्ञापन के 11 बिन्दुओं पर बिन्दुवार तीन घंटे तक सौहाद्रपूर्ण वातावरण में चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि स्वामीनाथन समिति की 80 फीसदी सिफारिशें राजस्थान सरकार द्वारा छह थीमिटिक ग्रुप बनाकर लागू कर दी गई हैं। इसके साथ ही ज्ञापन की अन्य मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है।

 

उधर किसानों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कामरेड अमराराम ने बताया कि किसानों की सरकार के साथ बातचीत हुई है लेकिन किसानों की मांगों पर अभी पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है, बुधवार को बातचीत और होगी।

 

उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर पूरी तरह सहमति नहीं बनने तक किसानों का चक्का जाम जारी रहेगा। मांगों को लेकर राज्य में महापड़ाव पर बैठे शेखावाटी के किसानों का चक्का जाम दूसरे दिन सीकर से बढ़कर प्रदेशव्यापी हो गया। इसके तहत किसानों ने सीकर, झुंझुनूं, चूरू, बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ आदि जिलों में मुख्य एवं राजमार्गों पर जगह-जगह जाम लगा दिया जिससे आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

 

गौरतलब है कि मांगों को लेकर किसान गत बारह दिनों से सीकर के कृषि उपज मंडी में महापड़ाव पर बैठे हैं और सोमवार को ही सीकर से ही प्रदेशव्यापी चक्का जाम का ऐलान किया गया था।

 

ये रहे वार्ता में शामिल
बैठक में जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप, सहकारिता एवं गोपालन मंत्री अजय सिंह किलक, ऊर्जा राज्य मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह, विधायक अशोक परनामी, अखिल भारतीय किसान सभा के अमराराम, पेमाराम, राजस्थान डिस्कॉम्स के अध्यक्ष श्रीमत पांडे, प्रमुख शासन सचिव कृृषि एवं उद्यानिकी नीलकमल दरबारी, सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभयकुमार, जयपुर सभागीय आयुक्त राजेश्वर सिंह, पुलिस महानिरीक्षक जयपुर ग्रामीण हेमंत प्रियदर्शी, कृृषि आयुक्त विकास सीतारामजी भाले, कृृृषि विपणन विभाग के निदेशक नन्नूमल पहाड़िया, उद्यान विभाग के निदेशक वीपी सिंह सहित सम्बंधित विभागों के उच्चाधिकारी और किसान प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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