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कॉफी के शौकीन लोगों को लग सकता है बड़ा झटका, पढ़ें पूरी खबर

Dainik Savera Times 2017-09-13 13:05:33

वॉशिंगटनः जलवायु परिवर्तन से दुनिया के सबसे बड़े कॉफी उत्पादन क्षेत्र लैटिन अमेरिका में पैदावार पर असर पड़ेगा। 2050 तक उत्पादन 12 फीसद की गिरावट के साथ 88 फीसद रह जाएगा। शोधकर्ताओं ने हाल ही में किए अध्ययन के बाद यह चेतावनी दी है। यह पहला शोध है जिसमें कॉफी और उसके उत्पादन में मददगार मधुमक्खियों पर जलवायु परिवर्तन के असर का अध्ययन किया गया है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ वरमोंट के टेलर रिकेट्स के मुताबिक, धरती पर कॉफी सबसे ज्यादा मूल्यवान चीजों में से एक है और इसके उत्पादन के लिए उपयुक्त मौसम व मधुमक्खियों के परागण की जरूरत होती है।

इस अध्ययन में कॉफी उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों निकारागुआ, होंडूरास और वेनेजुएला में पूर्व अध्ययनों की तुलना में ज्यादा नुकसान की आशंका जताई है। टेलर कहते हैं, लाखों ग्रामीण लोगों की आय का स्रोत कॉफी है। इस पर बुरा असर पड़ने से उनका जीवन भी प्रभावित होगा। शोधकर्ताओं ने इन क्षेत्रों के विकल्प तलाशने का भी प्रयास किया है, जहां मधुमक्खियों की विविधता में वृद्धि की उम्मीद है। कोलंबिया के इंटरनेशनल सेंटर फॉर ट्रॉपिकल एग्रीकल्चर (सीआइएटी) के पाब्लो इमबाक के मुताबिक, कुछ क्षेत्रों में कॉफी का उत्पादन गिरेगा।

ऐसे में हम यह जानना चाहते थे कि क्या इसकी क्षतिपूर्ति मधुमक्खियों के जरिए की जा सकती है क्योंकि कॉफी उत्पादन क्षेत्रों में मधुमक्खियां होंगी तो परागण के कारण उत्पादन में वृद्धि होगी। पीएनएएस जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में उष्णकटिबंधीय वनों के महत्व को भी रेखांकित किया गया है, जो जंगली मधुमक्‍खियों और अन्य परागकणों के लिए प्रमुख स्थान है।