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एेसे हुआ मासूम प्रद्युम्न का कत्ल, दो बच्चों ने देखा था कंडक्टर को...

Dainik Savera Times 2017-09-13 14:10:50

शुक्रवार को हुए मासूम प्रद्युम्न के कत्ल केस में आरोपी अशोक को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन अभी भी इस केस की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है। मृतक के परिजन बार-बार यह बात दोहरा रहे हैं कि प्रद्युम्न के कत्ल में स्कूल प्रबंधन का हाथ है। एेस में पुलिस भी कश्मकश में है। साथ ही आरोपी अशोक को सियाना कोर्ट में पेश करके 18 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। 

इस मामले में मृतक प्रद्युम्न के दो साथी बच्चों ने भी बताया कि उन्होनें आरोपी बस कंडक्टर अशोक को टॉयलेट में जाते देखा था। वहीं सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि शुक्रवार को बच्चा एक अन्य स्टूडेंट के साथ स्कूल के अंदर दाखिल होते हुए कैमरे में दिखाई दे रहा था।
कैमरा पीछे होने से दोनों स्टूडेंट्स के बैग दिखाई दे रहे हैं। बाद में मृतक बच्चा अंदर टॉयलेट की ओर चला गया। इससे ठीक करीब 10 मिनट पहले टॉयलेट में दो स्टूडेंट ड्रेस बदलने गए थे। दोनों ने बाहर आते वक्त कंडक्टर अशोक को टॉयलेट में अंदर आते देखा था। आरोपी ने पहले सर्फ ( साबुन) से चाकू साफ किया और टॉयलेट किया। इसी दौरान बच्चा टॉयलेट में दाखिल हुआ।

पुलिस को शक है कि आरोपी ने नौ नंबर टॉयलेट यूज किया था। बाहर आने पर बच्चे को काबू किया और सबसे आखिर के टॉयलेट रूम में ले जाकर उसके साथ गलत काम करने की कोशिश की।बच्चे के विरोध करने पर मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद चाकू को टॉयलेट में ही छोड़कर बाहर भाग गया। टॉयलेट रूम में हाथ धोने के साथ ही पानी पीने का इंतजाम है। 

 आरोपी आकर हाथ धोकर पानी पीने लगा। इसी बीच घायल बच्चा टॉयलेट से निकलकर गेट पर गिरा। तभी माली टॉयलेट रूम की तरफ आया और बच्चे को खून से लथपथ देखकर शोर मचाया। इस पर टीचर और अन्य लोग आए गए। टीचर्स ने माली से बच्चे को उठाने को कहा, इस पर पानी के मशीन के पास खड़ा अशोक आया और बच्चे को गोद में लेकर बाहर वैन तक पहुंचाया। 

जांच के दौरान स्कूल का एक और कर्मचारी टॉयलेट के पास पानी पीने आता है लेकिन सीसीटीवी फुटेज के अनुसार वह अंदर गया और साथ ही बाहर निकल गया। ऐसे में अब पुलिस को इस वारदात में कुल पांच लोग सीधे मिले, जो घटना से मुख्य तौर से जुड़े हैं। 
पुलिस ने कंडक्टर अशोक, माली और एक फिजिकल एजुकेशन के टीचर से पूछताछ की। दो बच्चों से जानकारी ली। जब अशोक से पूछताछ हुई तो आरोपी ने पहले गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।