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2011 के बाद तीरंदाजी में झारखंड की बेटी ने देश के लिए जीता सोना

Eenadu India 2017-10-10 08:29:00

पदक जीतने के बाद अंकिता


जमशेदपुर। अर्जेटीना के रोजारियो में मिश्रित टीम विश्व तीरंदाजी चैम्पियनशिप में टाटा आर्चरी एकेडमी, जमशेदपुर की कैडेट अंकिता भकत ने स्वर्ण पदक जीता है। यह पदक सभी विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारत का चौथा खिताब है।


निन्थुजम जे. और अंकिता भकत की मिश्रित जोड़ी ने रिकर्व टीम के स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। अर्जेंटीना के रोसेरियो विश्व तीरंदाजी युवा चैम्पियनशिप में इस जोड़ी की स्वर्णिम कामयाबी के बाद भारत ने कुल तीन पदक जीते।



बता दें कि वर्ष 2009 और 2011 में झारखंड के ही रांची की तीरंदाज दीपिका कुमारी की जीत के बाद से युवा चैम्पियनशिप में यह भारत का पहला विश्व खिताब है।

नौवीं वरीयता प्राप्त निन्थुजम और अंकिता की जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में शीर्ष-वरीयता प्राप्त कोरियन जोड़ी को हराया था और फाइनल में इस जोड़ी ने रूसी खिलाड़ियों को 6-2 से हराया। जीत के बाद अंकिता ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि शुरू में वह थोड़ी अस्थिरता महसूस कर रही थीं लेकिन अंत में मिली स्वर्णिम कामयाबी से वह काफी खुश हैं।



इस कामयाबी के बाद टाटा आर्चरी आकादमी की कोच पूर्णिमा महतो ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि टाटा स्टील खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंकिता की स्वर्णिम कामयाबी से बेहद गर्व और सम्मानित महसूस कर रही हैं। बता दें कि पूर्णिमा के मार्गदर्शन में ही अंकिता ने तीरंदाजी की मूल बातें सीखी हैं।

कोच पूर्णिमा महतो ने कहा कि तीरंदाजी झारखंड में एक काफी लोकप्रिय खेल है और उन्हें यकीन है कि अंकिता की यह सफलता राज्य के युवाओं को इस खेल में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

बता दें कि भारतीय मिश्रित टीम की यह स्वर्णिम कामयाबी सभी विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारत का चौथा खिताब है। इससे पहले दीपिका ने 2009 में रिकर्व कैडेट खिताब जीता था और 2011 में जूनियर रिकर्व का खिताब जीता था। वहीं वर्ष 2006 में पलटन हंसदा, विश्व चैंपियन जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बनी थीं जब उन्होंने महिला कंपाउंड जूनियर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।