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बुलन्दशहर में मसूमों से तैयार कराए जा रहे हैं बम

Khabar NonStop 2017-10-10 10:07:55

बुलन्दशहर। “ऑपरेशन” बारूद के ढेर पर, “मासूम” बिल्कुल ठीक सुना आपने, किस तरह नोटों के चन्द टुकड़े कमाने के लिए एक नहीं दो नहीं, बल्कि दर्जनों मासूमों को बारूद के ढेर पर बिठा रखा है। हमारे  पास जो तसवीरें हैं उन्हें देखकर आप हैरान हो जाएंगे क्योंकि यहां छोटे छोटे बच्चों से देसी बम तैयार  कराए जा रहे हैं।

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क्या है पूरा मामला

जहां दीवाली पर होने वाली आतिशबाजी से होने वाले हादसे और प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एसनसीआर में पटाखों की होने वाली बिक्री पर 31 अक्टूबर तक पूरी तरह रोक लगा दी है। तो वहीं मीडिया कर्मी ने बुलन्दशहर के डिबाई थाना क्षेत्र के दानपुर के जंगलों में चल रही उन फैक्टरियों पर जाकर वो तस्वीरें जुटाई हैं। जो मासूमों की ज़िन्दगी से खिलवाड़ कर उनसे यहां देसी बम तैयार कराए जा रहे हैं।

बच्चों को दी है ट्रेनिंग

यहाँ बच्चों से बम तैयार कराने वाले आकाओं ने इन्हें पहले ही बता रखा है कि कोई पत्रकार यहां पहुंचता है, कोई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचता है। तो इन्हें यहां से उठकर निकल जाना है, जैसे ही मीडियाकर्मी जंगल की तरफ बढ़ी तो, एक नहीं दो नहीं बल्कि 4 ऐसे फैक्ट्री नज़र पड़ी जिनमे दर्जनों बच्चों की ज़िंदगी से खिलवाड़ कर उनसे यहां बम तैयार कराए जा रहे थे।


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हाथों में ग्लव्स लगे होते है

जिस उम्र में इन मासूमों के हाथ में कॉपी, किताब होनी चाहिए थी उस उम्र में नोटों के चन्द टुकड़े कमाने के लिए इन्हें यहां बारूद के ढेर पर बिठा रखा है, इतना ही नहीं बारूद के करोबारी आकाओं ने, ना तो मासूमों को हाथों में पहनने के लिए कोई गिल्वस ही दिए हैं और ना मुहँ पर लगाने के लिए कोई माक्स, वहीं जब हमारा  का कैमरा और अन्दर जाने लगा तो यहां मौजूद एक दबंग महिला ने पहले कैमरे में हाथ मारा और फिर मीडिया कर्मी  को भी यहां डराने,धमाकने की कोशिश की गई,लेकिन उस वक्त तक कैमरे में वो सब तस्वीरें कैद हो चुकी थी जो बारूद के आकाओं को बेनक़ाब करने के लिए काफी हैं।