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पीएम शाहिद खाकान अब्बासी ने अफगानिस्तान में हिंदुस्तान को खारिज करने की दी चेतावनी

Polkhol India 2017-10-10 11:23:38

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पीएम शाहिद खाकान अब्बासी ने अफगानिस्तान में हिंदुस्तान के लिए किसी किरदार को सोमवार (9 अक्टूबर) को खारिज करते हुए चेतावनी दी कि हिंदुस्तान को युद्ध प्रभावित राष्ट्र में उतारने की ट्रंप प्रशासन की ख़्वाहिश ‘‘घातक’’ होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गत अगस्त में अपनी दक्षिण एशिया नीति पेश की थी व हिंदुस्तान एवं अफगानिस्तान के साथ रणनीतिक गठबंधन बढ़ाने की प्रतिबद्धता जतायी थी। ट्रंप ने अफगानिस्तान में शांति एवं स्थिरता लाने के लिए हिंदुस्तान की किरदार बढ़ाने की बात कही थी।

अरब न्यूज ने अब्बासी के हवाले से कहा, ‘‘हम नहीं मानते कि पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों में हिंदुस्तान को लाने से कुछ भी हल करने में मदद मिलेगी, विशेष रूप से अफगानिस्तान में जहां हम हिंदुस्तान के लिए कोई किरदार नहीं देखते। हिंदुस्तान का अमेरिका के साथ एक संबंध है। वह उनके व अमेरिका के बीच है। ’’ उन्होंने सऊदी अरब के खबर लेटर से इंटरव्यू में बोला कि पाक अफगानिस्तान में एक ऐसे निवारण के जरिए शांति चाहता है जो ‘‘अफगानों का व अफगानों के नेतृत्व में हो। ’’

अब्बासी ने चेतावनी दी कि हिंदुस्तान को अफगानिस्तान में उतारने की अमेरिका की ख़्वाहिश नुकसानदेह होगी। उन्होंने बोला कि पाक ‘‘अमेरिका के साथ किसी अन्य राष्ट्र की तरह ही बराबर का संबंध या गठबंधन चाहता है। ’’ उन्होंने बोला कि पाक के अपनी सेना एवं अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिका पर निर्भर रहने के दिन खत्म हो चुके हैं। संसार को आतंकवाद से मुकाबले में पाक के प्रयासों की पहचान करनी चाहिए। उन्होंने बोला कि पाक की सेना में प्रमुख रूप से अमेरिकी हथियार प्रणालियां हैं लेकिन उसके पास चीनी व यूरोपीय प्रणालियां भी हैं व हाल में उसने रूसी हमलावर हेलीकॉप्टर भी शामिल किये हैं।

इससे पहले अमेरिकी रक्षामंत्री जिम मैटिस ने बोला था कि अफगानिस्तान में अपने सैनिक न भेजने का हिंदुस्तान का निर्णय पाक की चिंताओं की वजह से है क्योंकि इससे एरिया में नई जटिलताएं पैदा होंगी। मैटिस ने सदन की सशस्त्र सेवा समिति में सांसदों के समक्ष अफगानिस्तान की मदद में हिंदुस्तान के सहयोग की सराहना की व बोला कि नई दिल्ली ने अफगानिस्तान की मदद करने की दिशा में समग्र रवैया अपनाया है। उन्होंने दक्षिण एशिया पर कांग्रेस पार्टी की सुनवाई के दौरान सांसद डग लैम्बोर्न के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘यह वास्तव में एक बहुत ही समावेशी रवैया है जो हिंदुस्तान अपना रहा है। आप देखेंगे कि मैंने इंडियन सैनिकों का विकल्प पाक के लिए उत्पन्न होने वाली जटिलता की वजह से छोड़ दिया। ’

मैटिस ने कहा, ‘हम इसे एक समावेशी रणनीति बनाने की प्रयास कर रहे हैं व हम नहीं चाहते कि वे (पाकिस्तान) अपने पश्चिमी मोर्चे पर तैनात इंडियन सैन्य कर्मियों को लेकर किसी भी तरह से खुद को असहज महसूस करें। ’ अमेरिकी रक्षा मंत्री पिछले महीने हिंदुस्तान में थे व अपनी इंडियन समकक्ष निर्मला सीतारमण से वार्ता की थी। इस दौरान निर्मला ने अफगानिस्तान में इंडियन सैनिकों की तैनाती की किसी भी तरह की आसार को खारिज करते हुए बोला था कि हिंदुस्तान वहां विकास संबंधी मदद मुहैया कराता रहेगा।