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योगराज सिंह ने कहा, युवराज के सामने झुक गया मेरा सिर..बीसीसीआई के बारे में कही ऐसी बात कि आप सोचने पर हो जाएंगे मजबूर

sportzwiki Hindi 2017-10-10 20:27:04

भारत ने 2007 का टी-20 वर्ल्डकप जीता फिर 4 साल बाद 2011 में 50 ओवरों का वर्ल्डकप जीता. इन दोनों जीत में अगर आप किसी को नायक के तौर पर देखेंगे उसमे युवराज सिंह का नाम उभर कर सामने आता है. भले ही युवराज सिंह आज भारतीय टीम से बाहर हों, लेकिन वह अभी भी जोर आजमाइस में लगे हुए हैं. खुद उनके पिता योगराज सिंह को भी पूरी उम्मीद है कि उनका बेटा एक बार फिर वापसी करेगा.

योगराज सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए युवराज सिंह के बारे में कई बातें कही.


मेरा सिर, मेरे बेटे के सामने नतमस्तक-

 

योगराज ने मीडिया से बातचीत के दाैरान कहा कि उसने 17 साल तक मैदान में अपना लहू बहाया, मेरा सिर उसके कदमों में झुक गया है. उन्होंने कहा, युवराज ने मुझसे कहा था कि पापा मैं भारत के लिए विश्व कप जीतना चाहता हूं, अगर मैं मैदान पर मर भी गया तो मेरी लाश को सैल्यूट करना.

जब खिलाड़ियों के पैरों के बीच से निकल जाती थी गेंद-


योगराज ने कहा, युवी को फिटनेस साबित करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, “जब युवराज भारतीय टीम में खेलने गए थे, तो साथी खिलाड़ियों को कैच करना नहीं आता था. गेंद उनकी टांगों के बीच से निकल जाती थी. युवराज ने जो 17 साल पहले पायदान बदला आज उसकी बदाैलत यंग प्लेयर्स अपनी फिटनेस लेवल को आगे तक लेकर गए हैं”.

बीसीसीआई की तारीफ़ में कहा…-

युवराज सिंह को बाहर करने पर पत्रकारों ने योगराज से पूछा क्या इसके लिए बीसीसीआई जिम्मेदार है तो योगराज पत्रकारों पर गरम हो गये. उन्होंने कहा, बोर्ड का मैं ऋणी हूं जिसने क्रिकेट को बहुत कुछ दिया.

बोर्ड ने जो देश के लिए किया उसका देन लोग दे नहीं सकते. उन्होंने खिलाड़ियों को पैसे दिए, पेंशन दी, ऐसे बोर्ड को कभी भला बुरा नहीं कहा जा सकता. युवराज को जब कैंसर हुआ था तो बोर्ड ने सहायता की थी आैर उसके इलाज के लिए 5 करोड़ रुपए दिए थे. ऐसे बोर्ड को मैं सैल्यूट करता हूं.

अगर युवराज लेले संन्यास तो मुझे कोई दुःख नहीं-

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योगराज ने कहा कि बोर्ड ने जो फिटनेस टेस्ट रखा है उसे पार करना हर खिलाड़ियों के लिए जरुरी है. युवराज भी यह टेस्ट पास करेगा, जिसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रहा है. हालाँकि, उन्होने कहा कि जो मैने सोचा था वो युवराज ने भी पूरा किया आैर भगवान ने भी. अगर वह क्रिकेट छोड़कर आज ही संन्यास ले तो मुझे को दुख नहीं.