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30 साल से अधिक की उम्र में मां बनने से क्या खतरे हो सकते हैं ?

Samachar Nama 2017-10-11 14:47:53

एक हालिया अध्ययन से ये सामने आया है कि जिन माताओं की उम्र 30 साल से अधिक है उनके बच्चों में ऑटिज्म का जोखिम तेजी से बढ़ता जा रहा है। International Journal of Epidemiology जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में यह बताया गया कि जिन माता-पिता ने अपनी उम्र के 30 साल पार कर लिए हैं उनके बच्चों को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (एएसडी) के विकसित होने का अधिक जोखिम रहता है।

इसके अलावा यह पाया गया कि जो महिलाएं 30 साल से पहले अपने बच्चे को जन्म देती है उन महिलाओं से जन्मे बच्चों में एएसडी का खतरा बहुत ही कम रहता है। लेकिन 30 साल के बाद गर्भवती होने वाली महिलाओं के बच्चों में इस तरह के डिसऑर्डर की खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

Centers for Disease Control and Prevention (CDC) का कहना है कि हर 68 बच्चों में से 1 को आज के समय में एएसडी पाया जाता है। और यह लड़कियों के मुकाबले लड़कों के बीच लगभग 5 गुना ज्यादा पाया जाता है। इसको लेकर पहले भी कई अध्ययन किए जा चुके हैं जिनमें एएसडी के मामलों की पहचान का जा चुकी है। लेकिन इस बार वैज्ञानिकों ने स्वीडन में पैदा हुए 417,303 बच्चों की एक बड़ी आबादी के नमूनों का विश्लेषण किया।

उन्होंने पाया कि एएसडी से पीड़ित बच्चों के जोखिम में आने का एक खतरा साफ तौर पर देखा जा सकता है कि उन सभी की माता की उम्र 30 साल से अधिक थी। हालांकि इस डिसऑर्डर के और भी कई कारण पाए जाते हैं जिनमें कि रिश्तेदारों का जोखिम भी असर डाल सकता है लेकिन फिलहाल वैज्ञानिकों ने जो अध्ययन किया उसमें मातृत्व से जुड़े जोखिमों के बारे में पता लगाया गया। इसके अलावा उन्होनें बताया कि गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं या पर्यावरणीय जोखिमों के कारण 30 से अधिक महिलाओं को इस तरह के खतरों का सामना करना पड़ सकता है।