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रामदेव की अपील: मुस्लिम भी गोमूत्र को इलाज के लिए अपनाएं, कुरान में भी लिखा

News 24 pal pal ki khabar 2017-10-12 14:37:14

योग गुरु और पतंजलि के संस्थापक बाबा रामदेव ने कहा कि मुस्लमानों को भी गोमूत्र अपनाना चाहिए, क्योंकि इसका प्रयोग इलाज में किया जा सकता है। रामदेव ने कहा, कुरान में लिखा है कि गोमूत्र इलाज के लिए प्रयोग किया जा सकता है। दिल्ली में एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा

कुछ लोग पतंजलि को निशाना बना रहे हैं कि यह एक हिदू की कंपनी है। क्या कभी मैंने हमदर्द (हमीद बंधुओं द्वारा संस्थापित) पर निशाना साधा है? टीवी शो आप की अदालत में रामदेव ने रजत शर्मा को बताया, मेरा हमदर्द और हिमालया दवा कंपनी को पूरा समर्थन है। हिमालय समूह के फारुख भाई ने मुझे योगग्राम के लिए जमीन दान दी है। यदि कुछ लोग इसके लिए शुल्क लेते हैं, तो वह सिर्फ नफरत की दीवार खडी कर रहे हैं।

चैनल की तरफ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, यह टीवी शो शनिवार की रात प्रसारित किया जाएगा। 

रामदेव ने कहा, 'मैं कभी छोटा नहीं सोचता। मैं बड़ा सोचता हूं। मैं आने वाले 500 सालों में हमारे देश के बारे में सोचता हूं। मैं पतंजलि समूह के अगले 100 सालों के बारे में सोचता हूं। मैं अपने उत्तराधिकारी को अपने पीछे छोड़ कर जाऊंगा।'

बाबा रामदेव ने कहा कि उन्होंने 10,000 करोड़ के पतंजलि समूह के लिए उत्तराधिकारी की एक योजना तैयार कर ली है, उन्होंने कहा कि यह एक 500 साधुओं की टीम होगी जो उनके द्वारा प्रशिक्षित की गई है।

तमिलनाडु स्थित मुस्लिम संगठन ने योग गुरु बाबा रामदेव के पतंजलि उत्पादों के खिलाफ 'फतवा' जारी किया है, जो कि गोमांस का उपयोग करते हुए कहा गया है कि उनका उपयोग इस्लाम में 'हराम' माना जाता है। तमिलनाडु तौहीद जमत (टीएनटीजे) ने कहा कि गाय के मूत्र को प्रसाधन सामग्री, औषधि और पतंजलि के खाद्य उत्पादों में 'प्रमुख घटक' के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है जो खुले बाजारों में उपलब्ध हैं और ऑनलाइन भी हैं।

"मुसलमानों के विश्वासों के मुताबिक, गाय का मूत्र हराम है, जिसका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए, टीएनटीजे फतवे का कहना है कि पतंजलि के उत्पाद हराम हैं," टीएनटीजे ने एक रिलीज में कहा। यह फतवा जारी करने के लिए जारी किया गया था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल मुसलमानों द्वारा नहीं किया जा सकता है क्योंकि वे दैनिक जीवन में उपभोग करने वाले उत्पादों की सामग्री के बारे में जागरूकता की कमी के कारण होते हैं।

बता दें कि बाबा रामदेव ने रोहतक में आयोजित हुए एक सद्भावना सम्मेलन के दौरान कहा था कि “कुछ लोग टोपी पहनकर कहते हैं कि भारत माता की जय नहीं बोलेंगे, वो तो हमारे हाथ कानून से बंधें हैं, नहीं तो लाखों के सिर काटने की हिम्मत रखते हैं।”
बाबा रामदेव के इस विवादित बयान के बाद स्थानीय कांग्रेस नेता सुभाष बत्रा ने बाबा रामदेव के खिलाफ थाने में भड़काऊ भाषण देने के खिलाफ शिकायत दर्ज करानी चाही, लेकिन पुलिस ने इस पर कोई कारवाई नहीं की। इसके बाद बत्रा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अदालत ने बाबा रामदेव पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।

बाबा रामदेव हमेशा ही विवादित बयान देते है आप सबकी क्या राय है इसबारे में क्या बाबा रामदेव सही है अपनी राय ज़रूर दीजिएगा  राय हमें कमेंट करके बताये ये देश हम सबका है हर धर्म का सम्मान करना हमारा फ़र्ज़ है और हर हिंदुस्तानी हमारा भाई है उसके धरम जात से हमे कोई बैर नहीं हमे गर्व है के हम भारतीय है और देश और दुनिया की ख़बरों के लिए हमे फॉलो करे

 

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