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FBI ने जारी की 'हीरोइन ऑफ हाईजैक' नीरजा भनोट के हत्यारों की तस्वीर

RTI News 2018-01-12 13:49:29
चंडीगढ़ः अमेरिकन खूफिया एंजेसी एफबीआई (Federal Bureau of Investigation) ने 'हीरोइन ऑफ हाईजैक' बनी नीरजा भनोट के कातिलों की फोटो सोशल मीडिया पर जारी की है. हाईजैकर्स मोहम्मद हाफिज अल टर्की, जमाल सईद अब्दुल रहीम, मोहम्मद अब्दुल्ला खलिल हुसैन अर्याल और मोहम्मद अहमद अल मुन्नव्वर गोलियों का निशाना बनी भारतीय एयरहोस्टेस नीरजा भनोट ने अपनी जान पर खेलकर 360 लोगों को मरने से बचाया था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन तस्वीरों को साल 2000 में FBI (Federal Bureau of Investigation) द्वारा प्राप्त एज-प्रोग्रेसन टेक्नोलॉजी और मूल तस्वीरों का उपयोग करके एफबीआई प्रयोगशाला द्वारा बनाया गया था.

WADOUD MUHAMMAD HAFIZ AL-TURKI

JAMAL SAEED ABDUL RAHIM

MUHAMMAD ABDULLAH KHALIL HUSSAIN AR-RAHAYYAL

MUHAMMAD AHMED AL-MUNAWAR


5 सितम्बर 1986 के दिन फ्लाइट हाइजैंकिंग की घटना ने अमेरिका, पाकिस्तान और भारत जैसे तीन देशों की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया. दो दिन बाद भारतीय एयरहोस्टेस नीरजा भनोट का बर्थडे था. वो मुंबई से अमेरिका जाने वाली पैन एम 73 फ्लाइट में सवार थीं. लेकिन कराची पहुंचते ही यह फ्लाइट हाईजैक हो गई.
 

#BREAKING: #FBI releases age-progressed photos of hijackers from September 5, 1986 attack of Pan Am Flight 73. https://t.co/YoBbGcUyiw pic.twitter.com/39lPgFYfm1

— FBI Washington Field (@FBIWFO) January 11, 2018
जब विमान पाकिस्तान के कराची पहुंचा तो आतंकी सिक्‍योरिटी की ड्रेस में एयरक्राफ्ट के अंदर घुसे. आतंकियों ने नीरजा भनोट को आदेश दिया कि वह सारे यात्रियों के पासपोर्ट कलेक्‍ट करें, जिससे विमान में सवार यात्रियों के बारे में पता चल सके. एयरक्राफ्ट के अंदर घुसते ही आतंकियों ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी और एयरक्राफ्ट को अपने कब्‍जे में ले लिया था. आतंकी इस फ्लाइट को इजरायल में ले जाकर क्रैश करना चाहते थे. इस फ्लाइट में नीरजा भनोट मुख्य पर्सर के रूप में तैनात थीं. इस फ्लाइट में करीब 369 यात्री मौजूद थे.

नीरजा भनोट ने उस मुश्किल के क्षण में ऐसी हिम्मत दिखाई जो शायद किसी आम व्यक्ति की सोच से भी परे होती है. इमरजेंसी दरवाजे से नीरजा भनोट ने लगभग सभी को बाहर निकाल दिया. 3 बच्चों को बाहर निकालते वक्त आतंकियों ने नीरजा भनोट पर गोलियों की बौछार कर दी और उनकी मौत हो गई.

उनकी  शहादत पर भारत ने ही नहीं बल्कि दुनियां भर गमगीन हो गई है। यहां कि तक भारत समेत अमेरिका और पाकिस्तान ने भी आंसू बहाए थे. ये देश की पहली ऐसी नागरिक थीं, जिन्‍हें अशोक चक्र, जैसे किसी सर्वोच्‍च सैनिक सम्‍मान से नवाजा गया था. हालांकि उनकी हिम्मत के लिए दिया गया ये सम्मान उन्हें मरणोपरांत हासिल हुआ था. पहली बार पाकिस्तान ने भी भारत की बेटी को 'तमगा-ए-इंसानियत' का सम्मान दिया.

गौरतलब है कि एक पत्रकार पिता और होममेकर मां की 'लाडो' नीरजा भनोट चंडीगढ़ में 7 सितम्बर 1963 को जन्मी थी. खूबसूरत थी और मॉडलिंग का शौक था, तो इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाने निकल पड़ी.

चार्मिस, बिनाका, बेस्टो वाशिंग पाउडर जैसे बहुत से विज्ञापनों में अपने टैलेंट को दुनिया के सामने पेश किया. 1985 में नीरजा भनोट की शादी गल्फ में रहने वाले नरेश मिश्रा से हुई. अब नीरजा भनोट को अपना मॉडलिंग करियर बीच में ही छोड़कर पति के साथ उसके देश जाना पड़ा. लेकिन कुछ ही महीनों में पति के बुरे व्यवहार और घरेलू हिंसा से परेशान होकर नीरजा भनोट ने अपने पति का घर छोड़ा और वापस अपने माता-पिता के पास मुंबई आ गई.

वापस आकर नीरजा भनोट ने एक बार फिर से अपना मॉडलिंग करियर शुरू किया. इस बीच उन्हें पैन एम नाम की फ्लाइट सर्विस में एयर होस्टेस की नौकरी मिल गई थी.

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fbi.gov/wanted/wanted_terrorists.