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एक हल्का और लचीला पदार्थ, जो दबाव पड़ते ही बन जायेगा बुलेट प्रूफ

Samachar Nama 2018-01-12 17:57:52

भविष्य में बनने वाली बुलेट प्रूफ जैकेट एक खास किस्म के पदार्थ से बनाई जायेगी, जिसे डायमीन कहते है। यह सुपर-फ्लैक्सिबल मैटेरियल दबाव पड़ते ही हीरे की तरह कठोर हो जाता है। कठोर होने पर बंदूक की गोली भी इसे भेदने में नाकाम रहती है। इस तत्व से सैन्य बलों और पुलिस विभाग के लिये अपेक्षाकृत हल्की और उन्नत गुणवत्ता की बुलेट प्रूफ जैकेट बनाई जा सकेगी।।

सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क के एडवांस्ड साइंस रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं ने यह पदार्थ ग्रेफीन के षट्कोणीय एकल अणुओं की दो लेयर से तैयार किया है। ग्रेफीन विश्व का पहला ऐसा 2-डी पदार्थ है, जिसकी मोटाई मात्र एक एटम के जितनी होती है। यह मनुष्य के बाल से करोड़ों गुना बारीक होता है। इसकी एक परत को दूसरी परत के ऊपर चढ़ाया जाता है। वैसे तो यह अनोखा पदार्थ मुलायम और लचीला होता है, लेकिन दबाव डालने पर तुरंत हीरे की तरह एकदम कठोर हो जाता है।

शोधकर्ताओं ने सबसे पहले डायमीन तथा ग्रेफीन के गुणों का कंप्यूटराइज्ड 3-डी मॉडल बनाकर अध्ययन किया। इसके बाद इसकी कठोरता का परीक्षण करने के लिए ग्रेफीन की दो लेयर्स पर विशेष प्रकार का आण्विक दबाव डाला गया। इससे पहले वैज्ञानिकों ने पहले सिंगल लेयर वाले ग्रेफीन का टेस्ट किया था। जब उन्होंने इस एकल परत पर दबाव डाला तो नकारात्मक नतीजे मिले। दो परतों पर ऐसा करने से परिणाम सकारात्मक मिले।

ग्रेफीन ग्रेफाइट से प्राप्त किया जाता है। 2004 में यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के दो रिसर्चर एंड्रे गीम तथा कोस्तया नोवोसेलोव ने इसके गुणों की खोज की थी। इसके लिए उन्हें 2010 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार भी दिया गया। यह रिसर्च नैनोटेक्नोलॉजी नामक जर्नल में पब्लिश हुआ है।