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प्रधानमंत्री को 1000 पैड भेजेंगी महिलाएं , देखे पूरा मामला

MASTI INDIA 2018-01-12 18:35:38

जी एस टी की वजह से बढ़ते समान की मूल्य  की वजह से महिलाए ख़ासकर परेशान है  इनकी इस परेशानी की वजह को आइए विस्तार से जानते है 

ग्वालियर निवासी प्रीति देवेंद्र जोशी ने कहा कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता अभियान चला रहे हैं और दूसरी ओर सेनेटरी नैपकीन को 'लग्जरी सामान' में शामिल किए हुए हैं। किशोरियों से लेकर 40 वर्ष की उम्र तक हर महिला को हर महीने चार-पांच दिनों तक इसकी जरूरत पड़ती है। 

महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दिनों में उपयोग की जाने वाली सेनेटरी नैपकीन को भी जीएसटी के दायरे में लाए जाने से उसकी कीमतें बढ़ गई हैं। सरकार के इस फैसले के खिलाफ मध्य प्रदेश के ग्वालियर की महिलाओं ने सेनेटरी नैपकीन को कर मुक्त करने के लिए अभियान चलाया है और फैसला लिया है कि महिलाओं के हस्ताक्षरित एक हजार नैपकीन और पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजेंगी। 

उन्होंने कहा, 'सेनेटरी नैपकीन पहले से ही महंगा था, महंगाई के दौर में हर महिला नैपकीन आसानी से नहीं खरीद पाती थीं। नए कर लग जाने से तो वह और भी महंगा हो गया है। ऐसे में सेनेटरी नैपकीन का उपयोग मध्यवर्ग की महिलाएं तक नहीं कर पाएंगी, गरीब परिवार की महिलाएं तो इसे खरीदने की सोच भी नहीं सकतीं।'