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दृष्टीदोष से ग्रसित बच्चों को आरबीएसके के तहत निःशुल्क बांटे चश्मे

Press Note 2018-01-13 15:13:28

कोटा । राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्क्रीनिंग के दौरान विजन इम्पेरीमेंट/दृष्टी दोष से ग्रसित पाए गए 18 वर्ष तक की आयु के 16 बच्चों को शुक्रवार को सीएमएचओ कार्यालय बुलाकर निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इस मौके पर डॉ हर्षवर्धन, कार्यक्रम के डीईआईसी मेनेजर दिलीप कुमार सहित शहरी आरबीएसके टीम के डॉ आरती गुप्ता, डॉ अभिनव गौतम, मेल नर्स सुनिल धाभाई, एएनएम पूजा महावर व सोशल वर्कर मख्तार अहमद मौजूद थे। डीईआईसी मेनेजर दिलीप कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के तहत स्क्रीनिंग के दौरान जिले भर में सैंकड़ों बच्चे दृष्टी दोष से ग्रसित पाए गए हैं जिन्हें रामुपरा जिला अस्पताल में रेफर कर नेत्र रोग विशेषज्ञ से आंखो की जांच करवाकर चश्मों के नम्बर लिए जा रहें हैं उसके बाद आरबीएसके के तहत चश्मे तैयार करवाकर बच्चोें को निशुल्क वितरित करने की कार्यवाही की जा रही है। डीईआईसी मेनेजर ने बताया कि कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूल, आंगनबाड़ी केंदों और मदरसों में जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में पाई जाने वाली 38 मुख्य बीमारियों के आधार पर स्क्रीनिंग की जा रही है जिसमें विभिन्न बीमारियों से ग्रसित पाए गए बच्चों को चिकित्सा संस्थानों में रैफर कर निःशुल्क उपचार करवाया जा रहा है। उन्होने बताया कि 31 दिसम्बर 2017 तक जिले के 850 स्कूल, 299 आंगनबाड़ी कंेद्रों और 72 मदरसों में आयुष चिकित्सकों की टीमों ने जाकर कुल 90 हजार 929 बच्चों की स्क्रीनिंग की जिसमें 7444 बच्चें विभिन्न बीमारियों से ग्रसित पाए गए हैं जिनकी निःशुल्क सर्जरी और उपचार करवाया जा रहा है।