newsdog Facebook

स्वास्थ्यकर्मी और आशा ऊषा हड़ताल पर कैसे पूरा होगा पल्स पोलियो अभियान

Patrika 2018-03-11 13:46:10

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और नर्सिंग छात्रों के भरोसे पल्स पोलियो
१ लाख ४८ हजार बच्चों को पिलानी है पोलियो की दवा


शहडोल. जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई हैं, अपनी नियमितिकरण सहित अन्य मांगों को लेकर ३१५ संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी सहित अन्य १८५ नियमित कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए हैं। जिसका असर११ मार्च को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान देखने को मिलेगा। अब लगभग १ लाख ४८ हजार ९६२ बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाने के लिए प्रशासन द्वारा जिले के संचालित निजी नर्सिंग कालेज और प्रशिक्षण ले रही नर्सिंग और पैरा नर्सिंग कार्यकर्ताओं को तैयार किया गया है। इन अप्रशिक्षित कार्यकर्ताओं को जिला अस्पताल में शनिवार को पोलियों की खुराक पिलाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। अब इनके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की मदद से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। बताया गया है कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले के २६२ स्वास्थ्य और उप स्वास्थ्य केन्द्र खाली हो गए हैं, जिससे ग्रामीण अंचल की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो गई हैं। पल्स पोलियों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा १०३५ बूथ बनाए गए हैं, बताया गया है कि सार्वजनिक स्थलों के लिए २७ ट्रांजिट बूथ तैयार किए गए हैं, जहां कुल २२०४ कर्मचारियों की आवश्यकता होगी, लेकिन संविदा और स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रशासन को पल्स पोलियो की खुराक पिलाने के लिए कर्मचारियों का टोटा पैदा हो गया है। हालाकि प्रशासन द्वारा सफल कार्यक्रम पूरा करने का दावा किया जा रहा है। पूरा करने का दावा किया जा रहा है।

आंगनवाडी कार्यकर्ताओं की डयूटी
लगभग १ लाख ४८ हजार से अधिक बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षण ले रही नर्सिंग स्टाफ और पैरा स्टाफ को प्रशिक्षण पोलियो की खुराक पिलाने के लिए दिया गया है। हड़ताल के कारण आंगनवाडी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की डयूटी लगाई गई है, जिनके माध्यम से पोलियो की खुराक बच्चों को पिलाई जाएगी।
डा. राजेश मिश्रा
प्रभारी पल्स पोलियो
जिला-शहडोल

अपनी कम्युनिटी से वैवाहिक प्रस्ताव पाएं। फोटो और बायोडेटा पसंद आने पर तुरंत वाट्सएप्प / फ़ोन पर बात करें।३,५०,००० मेंबर्स की तरह आज ही familyshaadi.com से जुड़ें।FREE

ऑफलाइन इस्तेमाल करें mobile app - अब आप बिना इंटरनेट के भी mobile app को इस्तेमाल कर सकते हैं। पहले ख़बरों को अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर लें जिससे आप बाद में बिना इंटरनेट के भी पढ़ सकते हैं। Android OR iOS