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मंत्रालय के ए.सी. कमरों में नहीं बल्कि गांव, गरीब और किसानों के बीच चौपालों में बनती हैं हमारी योजनाएं: डॉ. रमन सिंह

Janta Se Rishta 2018-03-11 15:38:21


जनता से रिश्ता / वेबडेस्क मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियोवार्ता ’रमन के गोठ’ में कहा कि हमारी योजनाएं मंत्रालय के एयर कंडीशन्ड (ए.सी.) कमरे में नहीं बनती, बल्कि गांव, गरीब और किसानों के बीच चौपालों में बैठकर बनती है।मुख्यमंत्री ने अपने रेडियो प्रसारण में कहा – ग्राम सुराज से लोक सुराज अभियान तक और जनदर्शन से लेकर गांवों के भ्रमण तक मुझे आम जनता से जो जानकारी मिलती है, वही हमारी आगामी बजट का आधार बनती है। उन्होंने अपने रेडियो कार्यक्रम में श्रोताओं को बताया कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष ’मुख्यमंत्री पेंशन योजना’ शुरू करने का भी निर्णय लिया है।     इस योजना में तीन लाख ऐसे लोगों को शामिल किया जाएगा, जो वर्ष 2011 के सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में अति वंचित पाए गए हैं और पेंशन से भी वंचित है, इसके लिए भी बजट प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने कहा – छत्तीसगढ़ सरकार के बजट में लगातार वृद्धि हो रही है। वित्तीय वर्ष वर्ष 2003-04 में राज्य का बजट सिर्फ नौ हजार 270 करोड़ रूपए था, जो आगामी वर्ष 2018-19 के लिए बढ़कर 83 हजार 189 करोड़ रूपए हो गया है। हमारे पन्द्रहवें साल का यह बजट हमारे ही प्रथम वर्ष की तुलना में नौ गुना बड़ा है। बजट का यह आकार निरंतर विकास का सूचक है। विगत तीस कड़ियों की तरह ‘रमन के गोठ’ की 31वीं कड़ी को भी आज प्रदेश के सभी जिलों में लोगों ने बड़े उत्साह के साथ सुना।मुख्यमंत्री ने कहा – किसानों के लिए राज्य सरकार ने नये बजट में 13 हजार 480 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है, जो पिछले साल से 29 प्रतिशत ज्यादा है। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्गों के लिए नये बजट में बीस हजार 645 करोड़ रूपए रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने रेडियो वार्ता में कहा – सामान्यतः धान के बोनस की चर्चा होती है। निश्चित तौर पर हम अपने वायदे के अनुसार इस वर्ष भी धान का बोनस देंगे, लेकिन आपको यह जानकर अचरज होगा कि बोनस से ज्यादा राशि हम अपने किसानों को निःशुल्क बिजली के लिए देते हैं और इस वर्ष भी देंगे। इसलिए नये बजट में धान के बोनस के लिए दो हजार 107 करोड़ रूपए और किसानों को रियायती बिजली देने के लिए दो हजार 975 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने कहा – नये बजट में छह कृषि महाविद्यालय – जशपुर, छुईखदान, कोरबा, कुरूद, गरियाबंद और महासमुंद में खोलने का भी प्रावधान किया गया है।  रेडियो वार्ता में मुख्यमंत्री ने लोक सुराज अभियान का उल्लेख करते हुए कहा – इस अभियान में जनता को सरकार के पास नहीं आना पड़ता, बल्कि सरकार स्वयं जनता तक पहुंचती है। मुख्यमंत्री ने ’रमन के गोठ’ की 31वीं कड़ी में श्रोताओं को आज 11 मार्च से शुरू हुए और 31 मार्च तक चलने वाले प्रदेश व्यापी लोक सुराज अभियान के तीसरे चरण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रत्येक दस ग्राम पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर लगाया जाएगा। सरकारी अस्पतालों, छात्रावासों, स्कूल-कॉलेजों, तहसील कार्यालयों, राशन दुकानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, बस स्टैण्ड और खेत-खलिहानों से लेकर चौपालों तक सरकार लोगों के बीच पहुंचेगी। मैं अचानक किसी भी गांव में और किसी भी जिले में पहुंचकर इन संस्थाओं में जाऊंगा। जहां अच्छा काम मिलेगा, वहां सराहना की जाएगी और जहां गड़बड़ी मिलेगी, वहां कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान में मुख्यमंत्री से लेकर सभी मंत्री, संसदीय सचिव, विधायक, सांसद, पंचायतों और नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि तथा मुख्य सचिव से लेकर पटवारी तक शामिल होंगे।
डॉ. रमन सिंह ने अपने रेडियो प्रसारण में प्रदेशवासियों से कहा-मैं बहुत उत्साहित और प्रसन्न हूं कि लोक सुराज अभियान के माध्यम से मुझे आप लोगों से रू-बरू होने का मौका मिल रहा है। उन्होंने श्रोताओं को प्रदेश की महिलाओं के हित में शासन द्वारा लिए गए विभिन्न फैसलों और उनके क्रियान्वयन के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत प्रदेश में 35 लाख के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 18 लाख महिलाओं को सिर्फ 200 रूपए के पंजीयन शुल्क पर रसोई गैस कनेक्शन दिया जा चुका है। उन्हें डबल बर्नर चूल्हा और पहला भरा हुआ सिलेण्डर भी मुफ्त दिया जा रहा है। स्कूल जाने वाली बेटियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए शुचिता योजना के तहत उन्हें सेनेटरी नेपकिन दी जा रही है। प्रथम चरण में 20 जिलों के दो हजार सरकारी स्कूलों में सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीनें और भस्मक मशीने लगाई गई और तीन लाख बेटियों को इस योजना से जोड़ा गया। अब प्रदेश के सभी हाई स्कूलों और कॉलेजों में यह मशीन लगाएंगे ताकि दस लाख बेटियां इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे।