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उप चुनाव की वोटिंग ख़त्म, जानिए कैसा रहा रुझान...

UPUK Live 2018-03-11 18:41:00
मोहम्मद ज़ाहिद
फूलपुर लोकसभा क्षेत्र का निवासी होने के कारण यहाँ की चुनावी गतिविधियाँ और वोटिंग का ट्रेन्ड कुछ हद तक समझ पा रहा हूं।

योगी की यहाँ दो बार चुनावी प्रचार के लिए आगमन हुआ और अखिलेश यादव के 25 किमी का रोड शो करने और एक जनसभा करने पर हुई हलचल पर अतीक अहमद की अदालत में पेशी से हुई हलचल भारी पड़ गयी।

जितने लोग योगी और अखिलेश की सभा में सुनने गये थे उतने 9 मार्च को अतीक अहमद से मिलने कचेहरी गये थे।

सपा-बसपा गठबंधन का दोनों पार्टी के नेताओं ने खूब प्रचार किया , सपा के मंच और वाहनों पर बसपा के झंडे भी लगाए गये परन्तु बसपा की गैरमौजूदगी में यहाँ सारे के सारे दलित और बसपा का वोटर सपा को वोट देगा ऐसा मानना गलत होगा , दलितों का एक हिस्सा बसपा के ना लड़ने की स्थिति में वोट डालने ही नहीं जा रहे हैं और जो वोट देने जा रहे है वह सपा और भाजपा दोनों को ही देंगे , सपा को पूरा का पूरा दलित वोट नही ही मिल रहा है हाँ 15-20% का टर्नआऊट जरूर हो रहा है।

सपा को सबसे अधिक नुकसान अतीक अहमद कर रहे है जिनके प्रति उनके वोटरों की दिवानगी 9 मार्च को देखी गयी जब कचेहरी का गेट जनता के दबाव में टूट गया।

कांग्रेस वोटकटवा का काम कर रही है , परन्तु जो नुकसान अतीक अहमद सपा का कर रहे हैं वैसा ही नुकसान कांग्रेस भाजपा का कर रही है। पर अतीक अहमद द्वारा किया जा रहा नुकसान अधिक है।

एक बात तय है कि यादव वोट इस बार यहाँ नहीं बिखरेगा जो 2014 में बिखर कर मोदीमय हो गया था। शेष , पटेल , मुसलमान , ब्राम्हण वोट बिखर रहा है।

मामला 40:60 , भाजपा:सपा के बीच में है। चुनाव जो भी जीते परन्तु अपनी लोकप्रियता दिखा कर अतीक अहमद अपना मकसद हासिल कर चुके हैं।
(लेख में दिया आंकलन मोहम्मद ज़ाहिद का निजी है, UPUKLive की सहमति आवश्यक नहीं)