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कानों में पसंदीदा धुन डाल के करोड़ों दिलों पर राज करने वाला Spotify Music App

Business Kahani 2018-03-13 00:00:00


कहने को तो स्वीडन (Sweden) 1 करोड़ से भी कम आबादी वाला एक छोटा सा देश है लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि वहाँ के लोग बहुत प्रतिभाशाली हैं। बिज़नेस जगत के अनेकों जाने-माने और बड़े स्टार्टअप्स इस देश की ही देन हैं और उन्हीं में से एक है, ‘स्पॉटीफाई’ (Spotify) जिसने डिजिटल संगीत की दुनिया को एक नया आयाम दिया है।

‘स्पॉटीफाई’ एक ऐसा म्यूज़िक स्ट्रीमिंग ऐप है जिसकी मदद से आप कभी भी, कहीं भी, जब मन चाहे अपने मनपसंद संगीत का आनंद ले सकते हैं। अब केवल अपने देश का ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का संगीत बस एक क्लिक पर आपके सामने हाज़िर है। संगीत प्रेमियों के लिए यह किसी सौगात से कम नहीं।

स्वीडन के रहने वाले डेनियल ऐक (Daniel Ek) और मार्टिन लोरेंत्ज़ॉन (Martin Lorentzon) द्वारा 2006 में स्थापित इस स्टार्टअप ने डिजिटल संगीत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है।

एक छोटे से स्टार्टअप के रूप में शुरुआत करके आज 61 देशों में अपनी सेवाएं देने वाले स्पॉटीफाई के दुनिया भर में तक़रीबन 16 करोड़ उपयोगकर्ता हैं जिनमें लगभग 7.1 करोड़ ग्राहक पैसा देकर प्रीमियम ऐप का इस्तेमाल करते हैं।

Spotify Music App Story In Hindi

 

एक नजर स्पॉटीफाई पर

स्पॉटीफाई एक म्यूज़िक स्ट्रीमिंग ऐप है जिसे आप अपने मोबाइल, टैबलेट, डेस्कटॉप, गेमिंग कंसोल्स, होम एंटरटेनमेंट सिस्टम जैसे उपकरणों पर डाउनलोड करके या फिर वेब-प्लेयर के द्वारा किसी भी समय अपने मूड के मुताबिक़ अपने मनपसंद संगीत, पॉडकास्ट्स और वीडियोज़ का लुत्फ़ उठा सकते हैं।

स्पॉटीफाई के जरिये बने बनाये एल्बम अथवा प्लेलिस्ट का मज़ा ले सकते हैं। अपने पसंदीदा गायक या गानों को चुनकर अपना मनपसंद ‘प्लेलिस्ट’ बना कर उसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया पर शेयर भी कर सकते हैं। यहाँ तक कि एक यूज़र दूसरे यूज़र के साथ भी प्लेलिस्ट बना सकता है।

स्पॉटीफाई पर 3.5 करोड़ से भी ज़्यादा गाने हैं जिसे लोग या तो सामान्य सुविधा के अंतर्गत हर आधे घंटे पर ३० सेकंड के विज्ञापन के साथ निःशुल्क सुन सकते हैं या फिर 9.99 डॉलर प्रति माह के शुल्क पर प्रीमियम सदस्यता ले सकते हैं। इसे फ़्रीमियम बिज़नेस मॉडल कहा जाता है।

जाहिर सी बात है कि प्रीमियम प्लान में ग्राहकों को बेसिक प्लान से कहीं ज़्यादा सुविधाएं मिलती हैं। इसमें आप अपने मनपसंद संगीत को जब चाहें, जैसे चाहें और जहाँ चाहें सुन सकते हैं। इसमें आपको उच्चतम ऑडियो गुणवत्ता के साथ ही ऑफ़लाइन संगीत सुनने की सुविधा भी मिलती है और विज्ञापन भी नहीं देखने पड़ते।

इसके साथ ही सामान्य प्रीमियम प्लान के लिए निर्धारित शुल्क से काफ़ी कम शुल्क पर एक ही परिवार के सदस्यों के लिए ‘फ़ैमिली प्लान’ और विद्यार्थियों के लिए ‘स्टूडेंट प्लान’ भी उपलब्ध हैं।

विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन फीस से हुई आय का 30 प्रतिशत हिस्सा कम्पनी खुद रखती है और बाकी 70 प्रतिशत रॉयल्टी के रूप में रिकॉर्ड लेबल्स या अन्य राइट होल्डर्स में बाँट देती है जो फिर आगे कलाकारों को कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार उचित राशि देते हैं।

रॉयल्टी का कोई निश्चित दाम निर्धारित नहीं होता बल्कि यह कई मापदंडों पर निर्भर करता है जैसे किस देश में गाना बजता है, निःशुल्क के मुकाबले प्रीमियम प्लान वालों की संख्या, देश की करेंसी, कलाकार का रॉयल्टी रेट इत्यादि।

डेनियल के संगीत प्रेम से स्पॉटीफाई का जन्म

स्पॉटीफाई के संस्थापक डेनियल ऐक की कहानी बहुत दिलचस्प है। डेनियल जैसे भाग्य में ही लिखवा के आये थे कि उन्हें बिज़नेस की दुनिया में कुछ बड़ा करना है। उन्होंने बिज़नेस करने का कभी प्रयास नहीं किया बल्कि बिज़नेस खुद चलकर उनके पास आया।

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13 साल की छोटी उम्र में ही आस-पडोस के लोग उनके पास अपनी वेबसाइट के लिए होम पेज बनवाने आने लगे क्योंकि इस काम के लिए प्रोफेशनल कंपनियां बहुत पैसे लेती थीं। इस काम से डेनियल को जितने पैसे मिलने लगे वो उनकी उम्र के हिसाब से बहुत ज्यादा था।

अकेली माँ के साथ कम पैसों में पले-बढ़े डेनियल ने इतने सारे पैसों की कल्पना सपनों में भी नहीं की थी। इतनी आसानी से पैसे कमाने की वजह से उन्हें इस काम में रूचि आने लगी और 14 साल की उम्र में ही उन्होंने ख़ुद की वेबसाइट कंपनी शुरू कर ली।

डेनियल ने इस काम के लिए अपने स्कूल के दोस्तों से मदद लेनी शुरू कर दी और विभिन्न तोहफे जैसे प्ले स्टेशंस, मोबाइल फ़ोन्स, आई पॉड्स इत्यादि के बदले में उनसे स्कूल के कंप्यूटर लैब में अपने लिए काम करवाने लगे। इस बात की उनकी माँ और स्कूल के शिक्षकों को भनक तक नहीं लगी।

उनकी यह वेबसाइट कंपनी इतनी बढ़िया चली कि 18 साल की उम्र में उनके पास 25 सदस्यों की अपनी एक टीम थी और उनकी आय 50,000 डॉलर प्रति माह तक पहुँच चुकी थी।

इसके बाद उन्होंने कई कंपनियां स्थापित कीं और 2005 में अपनी 4 कंपनियों को बेच दिया। इससे उन्हें लाखों डॉलर की कमाई हुई और उनके पास अच्छी-खासी पूँजी इकट्ठी हो गयी।

इतनी कम उम्र में ही इतनी बड़ी आर्थिक सफलता हासिल कर लेने के बाद उनका उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना नहीं रह गया था। अब उनका मन कुछ ऐसा करने का था जिसमें उनकी सबसे ज़्यादा रूचि हो, कुछ ऐसा जो ना सिर्फ उनके जीवन को ही बल्कि पूरे समाज को या फिर पूरे विश्व को प्रभावित कर सके। तब उन्हें अहसास हुआ कि संगीत और टेक्नोलॉजी ने उनके जीवन को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है और फिर उन्होंने इसी दिशा में काम करने का मन बनाया।

2005 में उनकी मुलाक़ात मार्टिन से हुई और काफी समय सोच विचार करने के बाद दोनों ने मिलकर एक म्यूज़िक स्ट्रीमिंग ऐप बनाने का फ़ैसला किया। 2006 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम स्थित एक छोटे से अपार्टमेंट में, डेनियल ऐक और मार्टिन लोरेंत्ज़ॉन ने ‘स्पॉटीफाई एबी’ (Spotify AB) नामक स्टार्टअप की स्थापना की।

लगभग दो साल बाद 7 अक्टूबर, 2008 को इस कंपनी ने अपने म्यूज़िक स्ट्रीमिंग ऐप ‘स्पॉटीफाई’ को यूरोप में लॉन्च किया और इसके साथ ही डिजिटल संगीत की दुनिया पर राज करने की शुरुआत की।

स्पॉटीफाई बना सबका चहेता   

‘स्पॉटीफाई’ ऐसे समय में बाज़ार में आया जब लोगों के पास ऑनलाइन म्यूजिक सुनने के बहुत कम विकल्प थे। एप्पल का आई-ट्यून तो था लेकिन गाने डाउनलोड करने का शुल्क लगभग 2 डॉलर प्रति गाना था।

ऐसे में कुछ लोग मुफ़्त में गैरकानूनी ढंग से संगीत डाउनलोड करके सुन रहे थे। ऑनलाइन गाने सुनने की सुविधा कम होने की वजह से पायरेसी एक बड़ी समस्या थी। यही वजह है कि म्यूजिक एलबम्स की बिक्री का आँकड़ा 1999 में लगभग 1,490 करोड़ से घटकर 2009 में सिर्फ 630 करोड़ तक आ गया। यह म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े सभी वर्गों जैसे रिकॉर्ड लेबल्स, संगीतकार अथवा कलाकार सबके लिए एक कठिन दौर था।

ऐसे में ‘स्पॉटीफाई’ डिजिटल संगीत के लिए एक ऐसा उम्दा विकल्प बनकर उभरा जो सिर्फ 10 डॉलर प्रति माह के शुल्क पर लोगों को पूरे नियंत्रण के साथ अनगिनत गाने सुनने का विकल्प देता है और रेडियो से बेहतर अनुभव दिलाने वाला मुफ्त में भी गाने सुनने का विकल्प देता है।

पायरेसी जैसी अवैध या गैर-कानूनी (illegal) चीज़ों को कम करने में योगदान देने की वजह से बड़े-बड़े रिकॉर्ड लेबल्स और मीडिया कंपनियों ने भी ‘स्पॉटीफाई’ के साथ जुड़ने में रुचि दिखाई।

स्पॉटीफाई को बड़े-बड़े निवेशकों का भी साथ मिला और यह स्टार्टअप समय-समय पर पर्याप्त मात्रा में निवेश पाने में भी सफ़ल रहा।

शेयर बाज़ार में भी स्पॉटीफाई का नया कारनामा

स्पॉटीफाई अपने उम्दा ऐप के लिए हमेशा बहुचर्चित रहा है परन्तु आजकल कंपनी एक नए कारनामे को अंजाम देने में लगी हुई है। दरअसल कंपनी ने 28 फरवरी 2018 को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) में शेयर लिस्ट करने के लिए आवेदन किया है और अगर मान्यता मिल गयी तो जल्द ही स्पॉटीफाई के शेयर NYSE में बिकने लगेंगे।

वैसे तो प्राइवेट कंपनी का शेयर बाज़ार में आईपीओ (IPO) लाना कोई नई बात नहीं है लेकिन स्पॉटीफाई कुछ ऐसा करने वाला है जो आज तक दुनिया में कहीं भी नहीं हुआ। आम तौर पर आईपीओ से पहले शेयर का दाम निर्धारित करने के लिए एक प्राइस बैंड (Price Band) दिया जाता है जिसमें मूल्य की न्यूनतम और अधिकतम सीमा दी जाती है और संभावित निवेशकों से आवेदन करवाया जाता है। इस आवेदन के जरिये शेयर में ग्राहकों की रूचि का पता चलता है और उसके अनुसार दाम का निर्धारण करके शेयर की खरीद-फरोख्त शुरू हो जाती है।

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स्पॉटीफाई ने इस पद्धति के विपरीत जाकर एक निर्धारित दिन पर शेयर का दाम खुद से सुनिश्चित करके शेयर बाज़ार में सीधे ट्रेडिंग शुरू करने का फैसला किया है। कंपनी की इस सोच को कुछ लोगों का समर्थन मिल रहा है तो कुछ विशेषज्ञ इसको एक बहुत बड़े रिस्क के रूप में देख रहे हैं।

अब तो लिस्टिंग के बाद ही इस फैसले का सही या गलत होना साबित होगा। फिलहाल अपने इस फैसले से कंपनी बहुत ही ज्यादा चर्चा में बनी हुई है और ऐसी उम्मीद है कि इस लिस्टिंग से स्पॉटीफाई का मूल्यांकन 22-23 अरब डॉलर हो जाएगा।

बिज़नेस कहानी की राय

आज स्पॉटीफाई की सेवा 61 देशों में उपलब्ध है और इसके चाहने वाले पूरी दुनिया में मौज़ूद हैं। सुनने में भले ही यह आसान लगता हो पर इस कंपनी की शुरुआत होने के बाद प्रोडक्ट लॉन्च करने में लगभग ढाई साल का समय लग गया। जहाँ एप्पल, पैंडोरा जैसे खिलाड़ी मौजूद थे वहाँ एक नई कम्पनी के लिए रिकॉर्ड लेबल्स और संगीत के राइट होल्डर्स का विश्वास जीत पाना इतना आसान नहीं था। साथ ही विभिन्न देशों में लाइसेंसिंग और अन्य मान्यताएं लेना नाकों चने चबाने जैसा था।

इन सभी चुनौतियों का समाधान ढूँढते हुए स्पॉटीफाई निरंतर आगे बढ़ा और आज वैश्विक स्तर पर डिजिटल संगीत का एक दिग्गज है। ऐसा कर पाना आसान नहीं है और स्पॉटीफाई ने इस मुकाम पर पहुँच कर हम सभी को बहुत प्रेरित किया है।

हम उम्मीद करते हैं कि एक दिन हमारे भारत की म्यूजिक स्ट्रीमिंग सेवायें भी स्पॉटीफाई की तरह दुनिया भर में अपना परचम लहरायेंगी।

क्या आप म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप द्वारा गाना सुनते हैं? क्या नाम है आपके पसंदीदा ऐप का? आप इस ऐप में क्या सुधार देखना चाहेंगे? अपने विचार हमसे जरुर शेयर करें।