newsdog Facebook

महानदी के तरबूजों की महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में बढ़ी डिमांड, लेकिन किसान नहीं व्यापारी हो रहे मालामाल

Patrika 2018-03-13 19:55:20

ट्रक के सुपरवाइजर ने बताया कि मुंबई मार्केट में छत्तीसगढ़ के खरबूज की काफी डिमांड है..

बलौदाबाजार. महानदी में किसानों द्वारा लिए जा रहे सब्जियों के सफल तैयार होकर ग्रामीण ओर शहरी इलाकों में पहुंचे लगे हैं। महानदी के डोंगरीडीह घाट की नदी बाड़ी से सोमवार को छह-सात ट्रक तरबूज की खेप मुंबई के लिए रवाना हुई। ट्रक के सुपरवाइजर ने बताया कि मुंबई मार्केट में छत्तीसगढ़ के खरबूज की काफी डिमांड है। इसके साथ ही यहां उगाई जाने वाली सब्जियां का भी उत्पादन बड़ी मात्रा में होने के कारण इसे अन्य प्रांत जरूरत के हिसाब से भेजे जा रहे हैं।

गौरतलब है कि क्षेत्र की दो प्रमुख नदियां शिवनाथ और महानदी में बीते कई दशकों से नदी किनारे के ग्रामों के किसानों द्वारा सब्जीबाड़ी तैयार की जाती है। नदी की रेत में एक-दो फीट बाद ही पानी निकल जाता है, इसकी वजह से नदी में सब्जी और फलों की क्यारी बनाकर व्यावसायिक रूप से खेती की जाती है। धान की पैदावार के बाद ग्रीष्मकाल के तीन माह में नदी किनारे स्थित गांव के किसान नदी बाड़ी से आजीविका चलाते हैं। इन दिनों महानदी में सिरियाडीह, डोंगरीडीह, तिल्दा, लाटा, पहंदा समेत दर्जनों ग्रामों में नदी बाड़ी की तैयार सब्जियां और फल अब बिक्री के लिए निकलने लगे हैं।

किसान राजेन्द्र कुमार घृतलहरे, अरूण कुमार, शेखरए कोमल, सुदेश्वर वर्मा, संतोष यादव, दिलीप आदि किसानों ने बताया कि धान की पैदावार के बाद सब्जी बाड़ी किसानों के परिवार के लिए रोजगार का बड़ा साधन है। परंपरागत रूप से नदी बाड़ी में कृषि करते हैं। जिसे बलौदाबाजारख् कसडोल, लवन के साथ आसपास बिक्री के लिए भेजते हैं।

आवक अधिक होने से सब्जियों के दाम कम
नदी बाड़ी में किसानों द्वारा बरबटी, फूलगोभी, पत्तागोभी, लौकी, धनियापत्ती, ककड़ी, प्याज, बैंगन, करेला जैसी दर्जनभर से अधिक सब्जियों की खेती की जा रही है। नंदी बाड़ी की सब्जियों के बाजार में आने से बाजार में सब्जियों की आवक बड़ गई है। इसका असर सब्जियों के दामों में भी नजर आ रहा है। सब्जियों के दाम बीते सप्ताह भर से कम हुए हैं। बलौदाबाजार से कसडोल मार्ग में डोंगरीडीह ग्राम के पास सड़क किनारे सब्जियों और फलों फलों को लेकर 15 से 20 विक्रेताओं द्वारा अस्थाई दुकान लगाकर इनकी बिक्री की जा रही है। नदी बाड़ी से निकली ताजा सब्जियों को देखकर इस मार्ग से गुजरने वाले लोग अपनी गाडिय़ों को रोककर इनकी खरीदी कर रहे हैं।

7 से 8 रुपए देकर 50-60 रुपए में तरबूज को बेज रहे व्यापारी
महाराष्ट्र सहित अन्य प्रांतों में छत्तीसगढ़ के महानदी के तरबूजों की बंपर मांग है। विशेषकर मुंबई में। हरे छिल्के में लकीर वाले और गहरे हरे रंग वाले महानदी के तरबूज चटक लाल रंग और मीठे स्वाद की वजह से ग्राहकों के सर्वाधिक पसंदीदा किए जा रहे हैं।

हालांकि इन रसदार तरबूजों का उत्पादन करने वाले किसान इस बात से अंजान हैं। व्यापारियों और दलालों द्वारा थोक में सात से आठ रुपए प्रति नग में खरीदी करने वाले तरबूजों को मुंबई और नागपुर सहित अन्य क्षेत्रों में 50 से 60 रुपए प्रति नग में बेच रहे। सोमवार से तरबूजों की पहली खेप निकली। किसानों ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन छह से सात ट्रक तरबूज का उत्पादन हो रहा है। जो कुछ दिन बाद प्रतिदिन 12 ट्रक तक पहुंच जाएगा।

अपनी कम्युनिटी से वैवाहिक प्रस्ताव पाएं। फोटो और बायोडेटा पसंद आने पर तुरंत वाट्सएप्प / फ़ोन पर बात करें।३,५०,००० मेंबर्स की तरह आज ही familyshaadi.com से जुड़ें।FREE

ऑफलाइन इस्तेमाल करें mobile app - अब आप बिना इंटरनेट के भी mobile app को इस्तेमाल कर सकते हैं। पहले ख़बरों को अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर लें जिससे आप बाद में बिना इंटरनेट के भी पढ़ सकते हैं। Android OR iOS