newsdog Facebook

सिंचाई के लिए नहर प्रणाली बनाने में किसी की रुचि नहीं

Times hindi.com 2018-03-13 19:39:10

नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने कहा है कि मंत्रियों से लेकर नौकरशाहों तक बड़े बांध बनाने में तब सभी बहुत खुश होते हैं लेकिन 'कमांड एरिया डेवलपमेंट'(सीएडी) यानी सिंचाई के लिए बांध का पानी खेतों तक पहुंचाने को नहर प्रणाली बनाने में किसी की कोई रुचि नहीं है। ताकि पानी खेतों तक पहुंचना सुनिश्चित हो। गडकरी ने कहा कि वह सिंचाई के क्षेत्र के विस्तार के लिए ध्यान केंद्रित करने पर बल दे रहे हैं।

केंद्रीय जहाजरानी और सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री गडकरी ने मंगलवार को कहा कि वह बांध के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन वह चाहते हैं कि इससे मिलने वाला शत-प्रतिशत जल कृषि उत्पादन को बढ़ाने के काम आए। उल्लेखनीय है कि कमांड एरिया डेवलपमेंट(सीएडी) के तहत खेतों में सुधार के लिए गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है। इसके लिए खेतों में नालियां, नहर और जल के वैज्ञानिक प्रबंधन पर काम किया जाता है। ताकि कृषि उत्पादन का बढ़ना सुनिश्चित हो।

वाहनों का परिवहन समुद्री मार्गों से हो : नितिन गडकरी यह भी पढ़ें

गडकरी ने कहा कि जब बड़े प्रोजेक्ट होते हैं तो पता नहीं क्यों मंत्रियों से लेकर नौकरशाह तक बहुत खुश होते हैं। बांध निर्माण के लिए बड़े ठेकेदार आते हैं। हर कोई बहुत रुचि लेता है। उन्होंने कहा कि मैं यह कहने के लिए माफी चाहता हूं, लेकिन सीएडी के मुद्दे में उनकी कोई रुचि नहीं है। तब इन योजनाओं का क्या उपयोग है? गडकरी ने यह बात एक दिवसीय कमांड एरिया डेवलपमेंट (सीएडी) सम्मेलन में कही।

गडकरी ने बताया कि उनके मंत्रालय में एक्सीलिरेटेड इरिगेशन बेनिफिट प्रोग्राम (एआइबीपी) के तहत 78,000 करोड़ रुपये की 99 परियोजनाओं को वरीयता दी जा रही है। 29,000 करोड़ रुपये की योजनाओं को सीएडी के तहत नहर प्रणाली विकास के लिए दिया गया। लेकिन गुजरात में सरदार सरोवर की सीएडी परियोजना को महज 2,000 करोड़ रुपये दिए गए। उन्हें बताया गया है कि तेलंगाना ने इस काम के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। और बाकी कहीं से इसका प्रस्ताव ही नहीं आया है।

By Manish Negi

Original Article