newsdog Facebook

जंग में किले के दरवाजे तोडऩे के काम आते थे अलीगढ़ खुदाई में मिले रियासत कालीन तोप के गोले

Patrika 2018-03-14 08:32:48

1817 में टोंक नवाबी रियासत बनने के बाद अलीगढ़ में भी तोपखाना था। अलीगढ़ स्थित बाला किला की बुर्ज पर तोपे लगी रहती थी।

 

टोंक. अलीगढ़ में पुराने तहसील कार्यालय में खुदाई के दौरान मिले तोप के गोलों की जानकारी इतिहास के पन्नों में दर्ज है। इसके मुताबिक ये गोले किसी लड़ाई में सेना किले के दरवाजे को तोडऩे एवं हाथियों को मारने, भगाने के काम आते थे।सप्त धातुओं से मिलकर बने इन गोलों का वजन पांच से दस किलों तक होता था।

 

 

ये जानकारी मौलाना अबुल कलाम आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान के पूर्व निदेशक तथा इतिहासकार अब्दुल मोईद खान ने दी है। मोईद का दावा है कि अलीगढ़ परगना टोंक रियासत का हिस्सा था। उन्होंने बताया कि 1817 में टोंक नवाबी रियासत बनने के बाद अलीगढ़ में भी तोपखाना था। अलीगढ़ स्थित बाला किला की बुर्ज पर तोपे लगी रहती थी।

 

 

इसके चलते बड़े स्तर पर गोले भी थे। ये गोले सुरक्षित स्थान पर रखे जाते थे। सम्भवतया ये किसी जमीन के नीचे के कमरे में दब गए होंगे। किला क्षतिग्रस्त होने के बाद मलबा बढ़ता गया। ऐसे में गत दिनों अलीगढ़ में अस्पताल के खोदी गई नींव में ये गोले मिले हैं। गौरतलब हैकि राज्य सरकार ने अलीगढ़ में अस्पताल के लिए ये जमीन आवंटित की है। इसके तहत निर्माण कार्य चल रहा है।

 

 

सुरक्षा घेरे में है गोले
अलीगढ़ कस्बे में गत 11 मार्च को अस्पताल की नींव के दौरान भारी तादात में तोपे के गोले मिले थे। इसके बाद सोमवार को पुरातात्व विभाग की टीम अलीगढ़ पहुंची और डॉग स्कवाइड तथा मशीन से इलाके की जांच की। फोरेंस लैब के लिए साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद उक्त इलाके को रीबन लगाकर पुलिस सुरक्षा से घेरे में डाल दिया गया है। फिलहाल उक्त स्थान पर खुदाई बंद है। हालांकि कातूहलवश लोग गोलों को देखने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें अंदर नहीं जाने दे रही है।

 

 

यूं पड़ा था अलीगढ़ का नाम
मोईद ने बताया कि टोंक नवाबी रियासत के प्रथम नवाब अमीरुद्दोला के बाद मोहम्मद अली खां नवाब हुए थे। जबकि अलीगढ़ का नाम पहले रामपुर था। मोहम्मद अली के नाम पर रामपुर का नाम बदलकर अलीगढ़ कर दिया गया। इसके बाद से अब तक ये रिकॉर्ड में अलीगढ़ के नाम से जाना जाता है।

अपनी कम्युनिटी से वैवाहिक प्रस्ताव पाएं। फोटो और बायोडेटा पसंद आने पर तुरंत वाट्सएप्प / फ़ोन पर बात करें।३,५०,००० मेंबर्स की तरह आज ही familyshaadi.com से जुड़ें।FREE

ऑफलाइन इस्तेमाल करें mobile app - अब आप बिना इंटरनेट के भी mobile app को इस्तेमाल कर सकते हैं। पहले ख़बरों को अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर लें जिससे आप बाद में बिना इंटरनेट के भी पढ़ सकते हैं। Android OR iOS