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प्रेम के प्रतीक ताजमहल के बारे में ये 10 बाते नहीं जानते होंगे आप

SocialSach 2018-03-14 10:07:10

दोस्तों ताजमहल पूरी दुनिया में प्रेम का सन्देश देने के साथ ही दुनिया के सात अजूबो में भी शुमार है और इसकी ख्याति पुरे विश्व में फैली हुई है पर आज आपको हम मोहब्बत के प्रतीक ताजमहल के बारे में कुछ ऐसे राज बताने जा रहे है जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे और जिन्हें जानकर आप हैरान रह जायेंगे | दोस्तों ये तो हम सभी जानते है की ताजमहल को किसने और किसके लिए बनाया था तो उन सब बातो में वक्त ना जाया करते हुए हम आपको सीधे ताजमहल के वो 10 रहस्य बताएँगे |

  • दोस्तों जैसा की ताजमहल शाहजहाँ ने अपनी प्रेमिका मुमताज की याद में बनाया था ये तो हम सभी जानते है और ताजमहल बन जाने के बाद उसने सभी मजदूरो के हाथ काटने का आदेश दिया था जिससे की भविष्य में कोई और ऐसी ईमारत ना बन पाए | इसलिए मजदूरो ने ताजमहल को पूरा करने के बाद भी उसमे छत पर छेद के रूप में एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे ताजमहल पूरा नहीं कहा जा सकता |
  • दुसरे विश्वयुद्ध, 1971 भारत पाक युद्ध और 9/11 के हमलों के वक्त ताजमहल के चारों और बांस का घेरा इसलिए बनाया गया था ताकि इसे दुश्मनों की नजर से बचाया जा सके और इसे किसी प्रकार की क्षति ना हो |
  • जब शाहजहाँ ने पहली बार ताजमहल को देखा तो कहा की यह सिर्फ प्यार की कहानी को बयां नहीं करेगा बल्कि उन सब लोगो को दोषमुक्त करेगा जो इस पाक जमीन पर अपने कदम रखेंगे और चाँद सितारे उसकी गवाही देंगे |

  • ऐसा कहा जाता है कि ताजमहल बनने के बाद शाहजहाँ ने मजदूरो के हाथ काट दिए थे पर अगर इतिहास पर नजर डाली जाये तो ताजमहल के बाद भी कई इमारतों को बनाने में इन्ही मजदूरो का योगदान रहा था | उस्ताद अहमद लाहोरी उस दल का हिस्सा थे जिसने ताजमहल को बनाया था और लाल किले के निर्माण का कार्य भी उनकी देख रेख में शुरू हुआ था |
  • ताजमहल की मीनारे एक दुसरे की और झुकी हुई नजर आती है और इन्हें ऐसा बिजली और भूकंप जैसी प्राकर्तिक आपदाऔं के दौरान मुख्य गुम्बद पर ना गिरे इसके लिए इस विशेष कोण में बनाया गया है |

  • बिहार के सुप्रसिद्ध ठग नटवर लाल के बारे में यह किवदंती प्रचलित है कि एक बार उसने ताजमहल को मंदिर बता कर बेच दिया था | नटवर लाल के पैत्रक गाँव के लोग उसके इस कारनामे की वजह से गाँव में उसका मंदिर बनाने की मांग उठाने लगे है |
  • अगर यमुना नदी ना होती तो शायद ताजमहल भी ना होता क्योंकि ताजमहल का आधार एक ऐसी लकड़ी पर बना हुआ है जिसे मजबूत बनाये रखने के लिए नमी की जरुरत होती है और ये नमी नजदीक ही बहने वाली यमुना नदी बनाये रखती है |
  • पिशाचो की आकृति ताजमहल की कलाकृति में 28 तरह की कीमती पत्थरों को लगाया गया था जो चीन, तिब्बत से लेकर श्रीलंका से मंगवाए गए थे | ब्रिटिश काल में ऐसा कहा जाता है कि अंग्रेजो ने इन पत्थरो को निकाल दिया था और ये पत्थर किसी की भी आँखें चुन्धियाने की काबिलियत रखते थे |

  • ताजमहल की ऊंचाई क़ुतुब मीनार से भी ऊँची है और सरकारी आंकड़ो के अनुसार ताजमहल क़ुतुब मीनार से 5 फूट ज्यादा ऊँचा है |
  • शाहजहाँ ने जब ताजमहल बनवाया था उस वक्त लगभग 32 मिलियन का खर्च आया था और आज के समय की बात करे तो यह खर्च तकरीबन 106.28 लाख युएस डॉलर है |

दोस्तों उम्मीद करते है कि आपको ये जानकारी पसंद आयी होगी और ऐसी ही रोचक जानकारी पाने के लिए हमारी प्रोफाइल को फॉलो करे |

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