newsdog Facebook

चैत्र नवरात्रि 2018 : ये है घट स्थापना की पूजा विधि

AV News 2018-03-14 00:00:00

पूजा स्थल को शुद्ध करने के बाद इस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। कपड़े पर थोड़ा चावल रख लें और गणेश जी का स्मरण करें। इसके बाद मिट्टी के पात्र में जौ बोना चाहिए। पात्र के उपर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें और इसके मुख पर रक्षा सूत्र बांध लें। कलश पर रोली से स्वास्तिक या ऊं बना लें। कलश के अंदर साबुत सुपारी, दूर्वा, फूल, सिक्का डालें। उसके ऊपर आम या अशोक के पत्ते रखें और फ‍िर ऊपर नारियल रख दें। इसके बाद इस पर लाल कपड़ा लपेट कर मोली लपेट दें।

अब कलश में सभी देवी देवताओं का आवाहन करें क‍ि नौ दिनों के लिए वे इसमें विराजमान हों। अब दीपक जलाकर कलश का पूजन करें। धूपबत्ती जलाएं, माला अर्पित करने के बाद कलश को फल, मिठाई, इत्र आद‍ि समर्पित करें।

नारियल रखते हुए ध्‍यान में रखें ये बातें 
ध्यान रहे कि नारियल का मुख उस सिरे पर हो, जिस तरफ से वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि नारियल का मुख नीचे की तरफ रखने से शत्रु में वृद्धि होती है। नारियल का मुख ऊपर की तरफ रखने से रोग बढ़ते हैं, जबकि पूर्व की तरफ नारियल का मुख रखने से धन का विनाश होता है। इसलिए नारियल की स्थापना सदैव इस प्रकार करनी चाहिए कि उसका मुख साधक की तरफ रहे।