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फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा कर रहे थे नौकरी, 302 लोगों पर केस दर्ज

Eenadu India 2018-04-15 17:28:00
देवरिया। रुद्रपर तहसील और देवरिया सदर में सैकड़ों सवर्ण जाति के लोग फर्जी तरीके से जनजाति के प्रमाण पत्र बनवा कर नौकरी कर रहे थे। शिकायती पत्र के आधार पर शुरू हुई जांच में हुए खुलासे के बाद 302 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया कर लिया गया है। सभी के फर्जी प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए हैं।

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देवरिया। रुद्रपर तहसील और देवरिया सदर में सैकड़ों सवर्ण जाति के लोग फर्जी तरीके से जनजाति के प्रमाण पत्र बनवा कर नौकरी कर रहे थे। शिकायती पत्र के आधार पर शुरू हुई जांच में हुए खुलासे के बाद 302 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया कर लिया गया है। सभी के फर्जी प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए हैं।


संख्या में अभी और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। आरक्षण का लाभ पाने के लिए किए गए इस कथित फर्जीवाड़े की जांच की निगरानी जिलाधिकारी सुजीत कुमार स्वयं कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने का मामला देवरिया जनपद के दो तहसीलों का है। रुद्रपुर तहसील इस फर्जीवाड़े में पहले नंबर पर है तो देवरिया सदर तहसील दूसरे नंबर पर।

वहीं अब इस खुलासे के बाद ऐसा माना जा रहा है कि अन्य तहसीलों में भी जांच हो सकती है। फिलहाल अभी इन दोनों तहसील क्षेत्र के अतिरिक्त और कहीं से कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। दोनों तहसीलों में एक शिकायती को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच का आदेश दिया तो जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। दोनों तहसीलों के अंतर्गत हुए फर्जीवाड़े को सदर कोतवाली और रुद्रपुर कोतवाली में अब तक 302 लोगों के खिलाफ मामला पंजीकृत किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में नायक और ओझा टाइटल लगाने वाले लोग ब्राम्हण जाति से ही जुड़े माने जाते हैं। बावजूद इसके सामने आए फर्जीवाड़े में इस जाति के लोगों पर अनुसूचित-जनजाति का प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगा है।

अभी तक सामने आ चुके मामलों में रुद्रपुर तहसील से 206 और देवरिया सदर तहसील से 96 लोगों के फर्जी प्रमाण पत्र पकड़े जा चुके हैं। सभी के फर्जी प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए हैं। जांच में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि इस फर्जीवाड़े में कथित राजस्व कर्मियों ने पैसे के लालच में फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने में सहयोग किया था। जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि जिन राजस्व कर्मियों ने फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने में भूमिका निभाई है उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नायक और ओझा जाति के ही लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए हैं और सभी ने नौकरी भी हासिल कर ली है। ऐसे 302 मामले पाए गए हैं। सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।