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मोबाइल विकिरण का बढ़ता प्रभाव

Congruent article 2018-04-16 10:17:07

भागमभाग से भरी इस व्यस्त दुनिया मे मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल इस तेज़ी से बढ़ रहा है कि मोबाइल फ़ोन के बिना इंसान का एक दिन भी गुजरना मुशिकल हो गया है। वैसे तो मोबाइल फ़ोन के आ जाने से लोगो के बीच की दुरियाँ घटी हैं लेकिन एक ओर इंसान की जिंदगी में इसके दुष्प्रभाव भी कम नही पड़े हैं।


 

 वैसे तो इसके आ जाने से एक और लोगों की जिंदगी बहुत ही आसान हो गयी है लेकिन लोग इसका बहुत ही धड़ल्ले से इस्तेमाल बिना पूरी जानकारी के करते हैं। ये आधी जानकारी लोगो के शरीर पर बहुत ही बुरा प्रभाव डाल रही है। इसका असर शरीर के विभिन्न हिस्सो पर पड़ रहा है

दिमाग :- मोबाइल विकिरण के कारण दिमाग कि तंत्रिका कोशिकाएं (न्यूरॉन्स) और मस्तिष्क के रक्त वाहिकाएं मर सकती हैं, जिससे बरामदगी हो सकती है।


आँखे :- मोबाइल विकिरणों के कारण आँखों को मोतियाबिंद का खतरा बढ़ जाता है।

थाइरोइड :- मोबाइल विकिरणें थाइरोइड समारोह को कम कर सकती है और समय के साथ थायराइड कैंसर को जन्म दे सकती है।

दिल :- विकिरण की उच्च खुराक हृदय रोग को कम करने वाले रक्त वाहिकाओं में कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

प्राकृतिक संगठन :- अंडाशय और वृषण में कोशिकाओं को तेजी से विभाजित करते हुए (अंडे और शुक्राणु) मर सकते हैं, जिससे बाँझपन हो सकता है।

त्वचा :- त्वचा कोशिकाओं को तेजी से विभाजित करने वाली कोशिका क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे त्वचा को घावों और जलाएं हो सकती हैं

 

मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करे लेकिन सावधानी से और जितना हो सके उतना सरीर से दूर रखें।