newsdog Facebook

ऑस्ट्रेलियाई बच्चे भुखमरी में कागज खाने को मजबूर

Polkhol India 2018-04-16 10:26:08

उन्होंने कहा, ‘हमारे समुदाय में सबसे कमजोर-हमारे बच्चे, हमारा भविष्य-पीड़ित है व मुझे नहीं लगता कि यह सही है, कोई भी इसे सही नहीं ठहरा सकता है। ‘ सर्वेक्षण में पाया गया है कि वयस्कों की तुलना में बच्चों के बिना भोजन रहने की आसार अधिक रही। लेकिन 29 प्रतिशत माता-पिता ने बोला कि वे सप्ताह में कम से कम एक बार बिना भोजन के रहे, जिससे उनके बच्चे खाना खा सकें।मैकनामारा ने कहा, ‘कुछ बच्चे कागज खा रहे हैं। उनके माता-पिता ने उनसे बोला है कि पर्याप्त भोजन नहीं है व यदि आपको भूख लगती है तो आपको कागज चबाना होगा। ‘ रिपोर्ट में बोला गया है कि जीवनयापन लागत की वजह से माता-पिता को अपने बच्चों को खिलाने के लिए प्रयत्न करना पड़ रहा है। जिलांग फूड रिलीफ सेंटर के मुख्य कार्यकारी कोलिन पीबल्स ने बोला कि बीते तीन वर्षोंसे सेवाओं की मांग बढ़ गई है।

पीबल्स ने कहा, ‘हाल ही में हमारे पास गुरुवार की दोपहर फुडबैंक में एक सात वर्ष की लड़की आई, उसने बीते पांच दिनों से कुछ नहीं खाया था। ‘ एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 12 महीनों में हर पांच में से एक ऑस्ट्रलियाई बच्चा भूखा रहा है। फूडबैंक की रिपोर्ट कहती है कि बीते वर्ष पांच में से एक बच्चे को कई स्थितियों में भूखा रहना पड़ा। इसमें से 18 प्रतिशत को हफ्ते में कम से कम एक बार बिना नाश्ता के स्कूल जाना पड़ा। इसी तरह 11 प्रतिशत को हफ्ते में कम से कम एक बार रात में बिना भोजन किए सोना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 9 प्रतिशत को हफ्ते में कम से कम एक दिन पूरा दिन बगैर भोजन के गुजारना पड़ा। करीब 29 प्रतिशत माता-पिता अक्सर बिना खाए रह जाते हैं, जिससे उनके बच्चों को भोजन मिल सके। फूडबैंक द्वारा 1,000 माता-पिता के सर्वेक्षण में पाया गया कि 15 वर्ष से कम आयु के ऑस्ट्रेलियाई बच्चों का 22 प्रतिशत ऐसे परिवार में रहते हैं, जो बीते 12 महीनों में कभी न कभी खाने से वंचित रहे।