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थाना में बैठे रही रेप पीडि़ता और आरोपी, टीआई करते रहे महिला अधिकारी की तलाश, देखे वीडियो

Patrika 2018-08-08 08:03:04

रात 12.30 बजे कटनी पहुंची विंध्याचंल एक्सप्रेस, 3.30 बजे तक दर्ज हो सकी एफआइआर

कटनी. इटारसी से चलकर भोपाल जाने वाली विंध्याचल एक्सप्रेस की जनरल कोच में विक्षिप्त महिला के साथ दुराचार करने रहे आरोपी को पुलिस टीम ने रंगेहाथों दबोच लिया। रात करीब 12.30 बजे ट्रेन कटनी रेलवे स्टेशन पहुंची। आरोपी और पीडि़ता को पुलिस अधिकारी थाने ले आए। इसके बाद कटनी जीआरपी पुलिस की असल समस्या शुरू हुई। थाना प्रभारी डीपी चड़ार महिला संबंधी अपराध होने के कारण कायमी के लिए महिला अधिकारी की तलाश में जुटे रहे। रात करीब 3.30 बजे तक प्रकरण में एफआइआर दर्ज हो सकी। मंगलवार सुबह जीआरपी ने आरोपी उमेश बालमीकि निवासी जबलपुर केंट की गिरफ्तारी का खुलासा किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी चड़ार ने बताया कि आरोपी गोटेगांव नगरपरिषद में सफाईकर्मी है और जबलपुर से गोटेगांव अपडाउन करता था। रात में वह विक्षिप्त महिला के पीछे-पीछे कटनी की ओर आ गया और ट्रेन की बोगी खाली होने का फायदा उठाकर महिला से दुराचार करने लगा। इस दौरान ट्रेन ड्यूटी पर मौजूद प्रधान आरक्षक मुरारी यादव व आरक्षक अजय शर्मा ने उसे रंगेहाथों दबोच लिया।
एनकेजे थाना से आई महिला अधिकारी
महिला संबंधी अपराध के मामलों में एफआइआर दर्ज करने के लिए महिला अधिकारी का होना अनिवार्य है। इस स्थिति के चलते थाना प्रभारी चड़ार ने पहले कंट्रोलरूम जबलपुर संपर्क किया। इसके बाद जिलापुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से महिला सब इंस्पेक्टर की कायमी हेतु मांग की। जिसके बाद एनकेजे थाना के सब इंस्पेक्टर कविता साहनी को जीआरपी भेजा गया।
दोपहर में गैंगरेप, रात में हुई थी एफआईआर
11 जुलाई को मुख्य रेलवे स्टेशन में खड़ी ट्रेन में नाबालिग से गैंगरेप की वारदात में भी महिला पुलिस अधिकारी न होने के चलते एफआइआर में देरी हुई थी। दोपहर में घटित वारदात की कायमी देररात जबलपुर जीआरपी से आई महिला संब इंस्पेक्टर द्वारा की गई थी। इस दौरान कई घंटों तक नाबालिग पीडि़ता को थाने में ही बैठना पड़ा था।
मात्र दो महिला आरक्षकों के भरोसे जंक्शन
मुख्य रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन औसतन ९२ ट्रेनें गुजरती हैं। इन ट्रेनों में सफर करने व ट्रेन कर लौटने वालों की संख्या प्रतिदिन करीब २० हजार है। यात्रियों की संख्या में करीब २५ फीसदी महिलाएं होती है। चोरी, मारपीट, लूट, छेडख़ानी सहित अन्य घटनाओं का वे शिकार होती है। ऐसी पीडि़ताओं से बातचीत व पूछताछ के लिए मात्र दो महिला आरक्षक जीआरपी के पास है। जबकि आरपीएफ के पास एक भी महिला बल नहीं है।
इनका कहना
यह बात सही है कि महिला पुलिस अधिकारी न होने के कारण समस्या हो रही है। कंट्रोल रूम में चर्चा करते पुलिस अधिकारी की मांग की जाती है। उपलब्ध न होने पर जिला पुलिस के अफसरों से मांग करते हैं।
डीपी चड़ार, थाना प्रभारी, जीआरपी कटनी

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महिला पुलिस अधिकारी न होने के कारण पीडि़ताओं को समस्या हुई है तो इसकी जांच कराएंगे। जल्द ही नियमानुसार कटनी में महिला पुलिस अधिकारी की पदस्थापना की जाएगी।
विनीत जैन, एसआरपी