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पीवी सिंधु दिग्गज इंडियन बैडमिंटन खिलाड़ियों में शुमार हो गई हैं: प्रकाश पादुकोण

Polkhol India 2018-08-08 13:09:29

हिंदुस्तान के महान बैडमिंटन खिलाड़ी व फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के पिता प्रकाश पादुकोण ने बोला है कि पीवी सिंधु दिग्गज इंडियन बैडमिंटन खिलाड़ियों में शुमार हो गई हैं।

पादुकोण के मुताबिक उन्हें उम्मीद है कि वह विश्व चैंपियनशिप में रजत जीतने के द्वंद को एक दिन जरूर तोड़ेंगी। सिंधु को हाल ही में विश्व पियनशिप के फाइनल में एक बार फिर स्पेन की महान कैरोलिना मारिन के विरूद्ध पराजय का सामना करना पड़ा था। सिंधु को लगातार दूसरी बार फाइनल में सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा है।

23 वर्ष की सिंधु को इस साल लगातार चार टूर्नामेंटों इंडिया ओपन, राष्ट्रमंडल खेल, थाईलैंड ओपन व विश्व पियनशिप के फाइनल में हारकर दूसरे जगह से संतोष करना पड़ा है। इससे बड़े टूर्नामेंटों के फाइनल में जीतने की उनकी क्षमता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। साल 1980 में वर्ल्ड नंबर-1 बनने व उसी वर्ष आल इंग्लैंड जीतने वाले पहले इंडियन बने पादुकोण ने बोला कि शीर्ष स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन करते रहना सरल नहीं होता है।

पादुकोण ने यहां पीएनबी मेटलाइफ द्वारा आयोजित एक बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान कहा, “उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है। लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचना बड़ी बात है। शीर्ष पर मुकाबले सरल नहीं होते है, लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें अगली बार स्वर्ण जीतने के बारे में सोचना चाहिए। ”

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक विश्वसनीय प्रदर्शन है। उन्होंने दो अच्छे जापानी खिलाड़ियों (नोजोमी ओकुहारा व अकाने यामागुची) को हराया, जिनसे वह आमतौर पर पराजय जाती है।यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह फाइनल जीत नहीं सकी। ”

यह पूछे जाने पर कि क्या सिंधु को महान इंडियन खिलाड़ियों में शामिल किया जा सकता है। पादुकोण ने कहा, “निश्चित रूप से वह महान खिलाड़ियों में से एक है। वह अभी बहुत छोटी हैं व उन्हें लंबा सफर तय करना है। ” उन्होंने कहा, ” वह अभी केवल 23 वर्ष की है। मुझे लगता है कि जब वह संन्यास लेगी तो कई उपलब्धि अपने नाम कर चुकी होगी। ”

भारत में एकल में अधिक प्रतिभा: प्रकाश पादुकोण
प्रकाश पादुकोण ने माना कि हिंदुस्तान में एकल वर्ग के खिलाड़ियों में अधिक प्रतिभा है व युगल वर्ग में भाग लेने वाली जोड़ियों को अधिक सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि हिंदुस्तान में एकल वर्ग में अधिक प्रतिभाएं हैं। हम युगल वर्ग में भी लगातार बेहतर हो रहे हैं। एक, दो जोड़ियां हैं जो लगातार अपना सर्वश्रेष्ठ दे रही हैं। अगर आप दो वर्ष पहले से तुलना करें, तो हमारी स्थिति बहुत बेहतर है व सुधार करने में समय लगता है। ” उन्होंने यह भी बोला कि इंडियन खिलाड़ियों ने पिछले कई सालों में विश्व के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ियों को हराया है लेकिन एशियाई खेलों में चुनौती सरल नहीं होगी व पदक जीतना भी कठिन होगा।

प्रकाश पादुकोण ने कहा, “इन खेलों में पदक जीतना कठिन होगा क्योंकि बैडमिंटन खेलने वाले शीर्ष राष्ट्र अधिकर हिंदुस्तान में हैं व वह भी इन खेलों के लिए अधिक मेहनत कर रहे हैं।खिलाड़ियों का पदक जीतना इस पर भी निर्भर करेगा कि मैच वाले दिन वह किस तरह से खेलते हैं। ”

विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में सिंधु का प्रदर्शन दमदार रहा था, लेकिन फाइनल में उन्हें एक बार फिर स्पेन की महान कैरोलिना मारिन के विरूद्ध पराजय का सामना करना पड़ा था।

प्रकाश पादुकोण ने कहा, “सिंधु पर किसी प्रकार का मैंटल ब्लॉक नहीं है व वह अगली बार फाइनल में जरूर जीतेंगी। वह अभी भी बहुत युवा हैं व हमें उन पर दबाव बनाने की जरूरत नहीं है।वह अच्छा प्रदर्शन कर रही है, उन्होंने विश्व के शीर्ष खिलाड़ियों को मात दी है व हमारा ध्यान इस पर केंद्रित होना चाहिए कि हम कैसे उनको टूर्नामेंट जीतने के लिए उत्साहित कर सकते हैं। ”