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BRI से मुकाबले में अमेरिका के साथ नहीं होगा भारत, आपत्तियां रहेंगी बरकरार

Nedrick News 2018-08-08 12:58:46

नई दिल्ली : चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव से मुकाबले में भारत अमेरिका का साथ नही देगा। चीन के भारत-प्रशांत क्षेत्र में BRI से मुकाबले के लिए अमेरिका के नेतृत्व में एक अभियान चलाया गया है। जिसमें भारत शामिल नहीं होगा।


दरअसल, अमेरिका जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फंड देने की तैयारी में है। जानकारी मिली है कि अमेरिका की अगुवाई वाली इस त्रिपक्षीय पहल में भारत शामिल नही होगा। इसकी वजह ये है कि भारत इस क्षेत्र में ध्रुवीकरण से बचना चाहता है। इस फैसले के बाद भी BRI को लेकर भारत आपत्ति जताता रहेगा। इतना ही नहीं भारत भारत-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता भी चाहता है।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंगापुर में 1 जून को शांगरी ला शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे। जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया था कि भारत ने इस क्षेत्र को कभी भी ‘एक रणनीति या कुछ देशों का समूह’ नहीं समझा।


जानकारी दे दें कि अमेरिका की अगुवाई वाली इस त्रिपक्षीय पार्टनरशिप का मकसद भारत-प्रशांत क्षेत्र में अलग-अलग तरीके से ग्रोथ को बढ़ाना है। जैसे मौजूद देशों को इंफ्रास्ट्रक्चर, डिवेलपमेंट, कनेक्टिविटी बढ़ाने और इकनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा देना अमेरिका का मकसद है। इसके लिए अमेरिका परियोजनाओं को फंड दिलाएगा। अमेरिका ने डिजिटल इकनॉमी, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट परियोजनाओं के लिए 11 करोड़ 30 लाख डॉलर देना तय किया है।

इतना ही नहीं अमेरिका इस क्षेत्र की सुरक्षा योजनाओं के लिए भी फंड जुटाएगा। बीते साल नवंबर में दोबारा शुरू हुए क्वाड्रिलैटरल या ‘क्वाड’ ग्रुप का भारत एक हिस्सा है। इस ग्रुप में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान की भी हिस्सेदार हैं। इसी बीच भारत सरकार चीन से अपने संबंध बेहतर करने की हर कोशिश कर रही है और इसके लिए एक के बाद एक हाईलेवल की मीटिंग की जा रही है।

आपको बता दें कि भारत ने नवंबर 2017 में अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया से भारत-प्रशांत क्षेत्र पर विचार करने के लिए क्वाड को दोबारा लॉन्च किया था। क्वाड की दूसरी मीटिंग सिंगापुर में की गयी थी। भारत-जापान-ऑस्ट्रेलिया के बीच त्रिपक्षीय बातचीत एक बार फिर इसी साल 6 सितंबर को नई दिल्ली में होनी है। जिसमें अन्य मुद्दों के साथ भारत-प्रशांत क्षेत्र को भी उठाया जाएगा।