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...तो क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब बदल जाएंगे BCCI के ये बडे़ चेहरे

Eenadu India 2018-08-10 10:25:00

बीसीसीआई के अधिकारी।


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लेकर दिए अपने आदेश के बाद बीसीसीआई के अधिकारियों के लिए उलझन की स्थिति पैदा हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में तीन साल के कूलिंग ऑफ पीरियड के बारे में प्रैक्टिकल कठिनाईयों का भी जिक्र किया।


सुप्रीम कोर्ट ने इस कुलिंग पीरियड को तीन साल से बढ़ा कर छह साल कर दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद बीसीसीआई के अधिकारियों के करियर को लेकर उलझन पैदा हो गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीसीसीआई के संविधान मसौदे को लागू करने की बात के बाद बोर्ड के खजांची अनिरूद्ध चौधरी, सचिव अमिताभ चौधरी और बीसीसीआई के एक्टिंग प्रैसिडेंट चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो जाएंगे।

हालांकि खन्ना इसे एक पॉजिटिव कदम बताया है लेकिन बाकि के कई अधिकारी इस बात से चिंतित दिखाई दिए। नए संविधान के हिसाब से बहुत कम अधिकारी ही चुनाव लड़ने के योग्य रह पाएंगे। बोर्ड के एक अधिकारी ने एक अखबार ने बातचीत के दौरान कहा कि क्योंकि बोर्ड का कामकाज जारी रहना चाहिए तो वे जल्द ही नए चेहरे ला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए फैसले के इंटरपिटेशन के इंतजार में है, पांच जुलाई को आए एक फैसले में कोर्ट ने कहा था कि किसी बहुत कठोर कूलिंग पीरियड  की जरूरत नहीं है जैसा कि लोढ़ समिति की सिफारिशों में बताया गया है। ऐसा लग रहा था कि बोर्ड के अधिकारियों को फिर से काम करने का मौका मिल जाएगा लेकिन गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला इन अधिकारियों के लिए बिल्कुल हतोत्साहित करने वाला था।
कोर्ट के इस फैसले के बाद नौ साल तक बीसीसीआई में पद संभालने वाले अधिकारियों के माथे पर चिंता साफ देखी जा सकती है। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि अगर ऐसा ऐसा होता है कई बड़े अधिकारियों को अपनी कुर्सी छोड़नी होगी।