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नीतीश मंत्रिमंडल का होगा विस्तार! ये बन सकते हैं मंत्री

Eenadu India 2018-08-10 16:59:00
पटना। मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले में समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के इस्तीफे के बाद एक बार फिर से नीतीश कैबिनेट के विस्तार की चर्चा तेज हो गई है। अभी आठ और मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल नीतीश कैबिनेट में कुल 28 मंत्री हैं, इसे विधानसभा सदस्यों की संख्या के आधार पर 36 तक बढ़ाया जा सकता है।

नीतीश कैबिनेट में होगा विस्तार।


पटना। मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले में समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के इस्तीफे के बाद एक बार फिर से नीतीश कैबिनेट के विस्तार की चर्चा तेज हो गई है। अभी आठ और मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल नीतीश कैबिनेट में कुल 28 मंत्री हैं, इसे विधानसभा सदस्यों की संख्या के आधार पर 36 तक बढ़ाया जा सकता है।


मंजू वर्मा के इस्तीफे से खाली हुए समाज कल्याण मंत्री के साथ अन्य विभागों में भी नए मंत्री बनाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा को कानून मंत्री की जिम्मेदारी के अलावा समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। लेकिन समाज कल्याण के साथ और कई अन्य विभागों का जिम्मा भी नए लोगों को दी जा सकती है।

कैबिनेट विस्तार को लेकर कई नामों की चर्चा भी शुरू हो गई है, इसमें कांग्रेस से जदयू में शामिल हुए अशोक चौधरी का नाम सबसे आगे है। नीतीश मंत्रिमंडल में मंजू वर्मा के इस्तीफे के बाद अब एक भी महिला मंत्री नहीं रह गई हैं। ऐसे में विस्तार होने पर एक महिला सदस्य को भी मौका मिल सकता है।

वहीं, आने वाले चुनाव को देखते हुए यह भी तय है कि मंत्रिमंडल विस्तार में नीतीश कुमार सामाजिक समीकरण के साथ-साथ जातीय समीकरण का भी खास ख्याल रखेंगे। मंजू वर्मा कुशवाहा समाज से आती हैं और इसलिए नीतीश का प्रयास होगा कि कुशवाहा समाज में मंजू वर्मा के इस्तीफे का कोई गलत मैसेज न जाए, इसलिए कुशवाहा समाज से किसी एक सदस्य को मंत्री बनाया जा सकता है और इस दौड़ में अभय कुशवाहा से लेकर रामबालक सिंह, रामसेवक सिंह सहित कई नेता शामिल हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी से भी नामों की चर्चा होने की खबर आ रही है, लेकिन विस्तार कब होगा यह अभी तय नहीं हो पाया है। अभी जदयू कोटे से 14 मंत्री हैं और भाजपा कोटे से 12 मंत्री, तो वहीं लोजपा से एक मंत्री बनाए गए हैं। पहले से ही नीतीश मंत्रिमंडल में सात जगह खाली पड़े हैं और अब मंजू वर्मा के इस्तीफे के बाद मंत्री पद की रिक्ति आठ पहुंच गई है।

कृष्णनंदन वर्मा ने गुरूवार को समाज कल्याण विभाग का कामकाज संभालते हुए कहा कि मेरे पास पहले से भी शिक्षा विभाग जैसा बड़ा मंत्रालय है, इसलिए जल्द ही समाज कल्याण का महकमा किसी सक्षम व्यक्ति को सौंपा जाएगा। अटकलें हैं कि कानून मंत्रालय और समाज कल्याण विभाग का जिम्मा होने की वजह से कृष्णनंदन वर्मा के पास से शिक्षा मंत्री का पद कांग्रेस से जदयू में आए अशोक चौधरी को दिया जा सकता है।