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शीतकालीन सत्र के लिए फिर टल गया तीन तलाक बिल, आज राज्यसभा में नहीं हो सका पेश

Patrika 2018-08-10 17:32:12

Kapil Tiwari | Publish: Aug, 10 2018 05:32:12 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

सभापति एम वेंकैया नायडू ने आज सदन में इसकी घोषणा की। अब शीतकालीन सत्र में ही ट्रिपल तलाक बिल लाया जाएगा

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आज खत्म हो गया और इसी के साथ सबसे ज्यादा चर्चित तीन तलाक बिल फिर से अधर में लटक गया। दरअसल, आज ये उम्मीद लगाई जा रही थी कि तीन तलाक बिल को राज्यसभा में पेश कर दिया जाएगा और इसे पास भी करा लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। पहले से ही विवादों में आ चुके मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को आज राज्यसभा में पेश ही नहीं किया जा सका। सभापति एम वेंकैया नायडू ने आज सदन में इसकी घोषणा की। अब शीतकालीन सत्र में ही ट्रिपल तलाक बिल लाया जाएगा

सभापति वेंकैया नायडू ने बिल ना पेश किए जाने की दी जानकारी

उच्च सदन में आज शुक्रवार होने की वजह से लंच के बाद गैर सरकारी कामकाज शुरू हुआ। सभापति नायडू ने सदन को सूचित किया कि उनके कक्ष में विभिन्न दलों के नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें यह तय हुआ था कि आज सदन में लंच के बाद गैर सरकारी कामकाज होगा। शाम पांच बजे के बाद सदन में दो सरकारी विधेयकों को चर्चा के वास्ते लिया जाएगा।

फिर से लोकसभा से पारित कराना होगा बिल

सभापति एम वेंकैया नायडू ने संसद के उपरी सदन को सूचित करते हुए कहा, "ट्रिपल तालाक बिल आज सदन में पेश नहीं किया जाएगा क्योंकि इसको लेकर आम सहमित नहीं बन सकी है।" आपको बता दें कि तीन तलाक बिल को लोकसभा से पहले ही पास कराया जा चुका था, लेकिन हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस विधेयक में तीन संशोधन करने को मंजूरी दी है। अगर राज्यसभा में इस बिल को सरकार के इन तीन संशोधनों के बाद पारित करा लिया जाता है तो उसके बाद फिर से लोकसभा की मंजूरी दिलवाने की आवश्यकता पड़ेगी।

तीन तलाक पर अध्यादेश ला सकती है मोदी सरकार

ऐसी भी खबरें सामने आईं थीं कि तीन तलाक बिल को राज्यसभा से पास कराने के लिए मानसून सत्र को एक दिन आगे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन फिलाहल तीन तलाक बिल अगले सत्र तक के लिए टल गया है। आपको बता दें कि मोदी सरकार इस बिल को इसी सत्र से पास कराना चाहती थी, जिसे लेकर सुबह से ही संसद परिसर में बीजेपी नेताओं की बैठक चल रही थी। इन सबके बीच मोदी सरकार के पास प्लान बी भी है, जिसके तहत केंद्र सरकार तीन तलाक पर अध्यादेश ला सकती है या फिर आपातकालीन कार्यकारी आदेश लाएगी।