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जहाँ से की थी शुरुआत, वहीँ आकर रुक गया है इस फ़ॉर्मूला-1 रेसर का करियर

sportzwiki Hindi 2018-09-12 13:40:48

फ़ॉर्मूला-1 2019 सत्र के लिए कई पोल किये गए। लेकिन इनका कोई फ़ायदा अभी तक देखने को नहीं मिला है। टीमों ने वही किया जो वो करना चाहते थे। उठा-पटक का माहौल तब से शुरू हुआ, जब डेनियल रिकार्डो ने रेड बुल छोड़, रेनॉ का हाथ थामा।

लेकिन अब किमी राइकॉनन को फ़ेरारी से बाहर निकाल, 20 वर्षीय चार्ल्स लेकरेक को जगह दी गयी है। इससे फ़ेरारी को कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। किमी ने अब सॉबर का रुख किया है, जहाँ से उन्होंने फ़ॉर्मूला-1 में कदम रखा था। आइये डालते हैं इस दिग्गज रेसर के करियर पर एक नज़र।

सॉबर को झेलनी पड़ी थी कड़ी आलोचनाएँ

2001 में जब सॉबर ने उस ड्राईवर को टीम का हिस्सा बनाया, जिसे कोई जानता तक नहीं था। इस कदम के लिए टीम को कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन राइकॉनन ने अपनी पहली ही रेस में पॉइंट स्कोर कर आलोचकों के मुंह पर जैसे ताला लगा दिया।

बता दें कि उस समय का फ़ॉर्मूला-1 पॉइंट स्कोरिंग सिस्टम ऐसा था कि पॉइंट स्कोर करना बहुत मुश्किल काम प्रतीत हुआ करता था।

मैक्लेरन से मिला ऑफर

डेब्यू सीजन में ही बेहद अच्छा प्रदर्शन करते हुए उन्होंने उस वक़्त तक आठ बार की चैंपियन टीम रही, मैक्लेरन टीम के बॉस का ध्यान अपनी ओर खींचा। मैक्लेरन के साथ उन्होंने 2003 मलेशियन ग्रांप्री के रूप में अपनी पहली रेस जीती।

बता दें कि राइकॉनन, 2003 में केवल दो अंकों के अंतर से माइकल शूमाकर के हाथों ड्राइवर्स चैंपियनशिप गंवा बैठे थे। 2005 में भी वो आधे सीजन तक लीड बनाये हुए थे, लेकिन सीजन के दूसरे हाफ में फ़र्नांडो अलोंसो ने उन्हें मात दी।

2006 में ख़राब प्रदर्शन के चलते उनकी सीट ख़तरे में पड़ गयी। आख़िरकर उन्हें, मैक्लेरन की सीट छोड़नी पड़ी।

फ़ेरारी से मिला ऑफर

इसी के बाद उन्हें फ़ेरारी से अनपेक्षित ऑफर मिला। जिसे उन्होंने साइन करने में कतई देर नहीं लगायी। फ़ेरारी से जुड़ना उनके लिए जैसे बहुत ही अच्छा कदम साबित हुआ। पहले ही सीजन में वो चैंपियनशिप जीतने में सफ़ल रहे।

इस सीजन में उन्होंने केवल एक पॉइंट के अंतर से डेब्यू कर रहे, लुइस हैमिलटन से चैंपियनशिप छीनी। लेकिन 2008 आया और फिर 2009, इस फिन रेसर का प्रदर्शन लगातार गिरता ही रहा। 2010 का कॉन्ट्रैक्ट होने के बावजूद, राइकॉनन ने टीम छोड़ने का फ़ैसला कर लिया था।

दो साल तक वर्ल्ड रैली चैंपियनशिप में की रेसिंग

इसके बाद उन्होंने 2010 में वर्ल्ड रैली चैंपियनशिप में सिट्रोन जूनियर टीम के लिए और 2011 में ICE 1 टीम के लिए रेस की। लेकिन कार रैली में सफ़लता उनसे कहीं दूर ही नज़र आई।

इसके बाद उन्होंने एक बार फिर, फ़ॉर्मूला-1 का रुख किया। हालाँकि लोटस एफ़-1 टीम ने राइकॉनन के साथ कोई डील होने पर आख़िरी समय तक चुप्पी नहीं तोड़ी। रेनॉ इंजन पर दौड़ रही कार से उन्होंने साल में केवल एक रेस जीती, लेकिन चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर रहे।

2014 में फ़ेरारी में की वापसी

2014 में उन्होंने एक बार फिर फ़ेरारी में वापसी की। लेकिन 2018 तक, राइकॉनन के हाथों में एक भी जीत नहीं आई है। 80 से ज्यादा रेसों में यह पूर्व चैंपियन एक भी रेस नहीं जीत सका, यह बड़ी ही शर्मनाक बात प्रतीत होती है।

वी-6 टर्बो इंजन के दौर में फ़ेरारी ने साल दर साल सुधारतो किया है। लेकिन किमी के हाथों एक भी जीत नहीं आई। इसीलिए अब उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उनकी जगह, फ़िलहाल सॉबर के लिए रेसिंग कर रहे, चार्ल्स लेकरेक को दे दी गयी है।

सॉबर में की है वापसी

अब किमी राइकॉनन एक बार फिर वहाँ आकर रुक गए हैं, जहाँ से उन्होंने शुरुआत की थी। यानी सॉबर टीम के साथ उन्होंने दो साल की डील साइन की है।

संभव ही अब यह किमी राइकॉनन के रेसिंग करियर का अंत होने जा रहा है। वहीँ फ़र्नांडो अलोंसो, इस साल के अंत में ही फ़ॉर्मूला-1 को अलविदा कहने जा रहे हैं।