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कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा सारागड़ी जंग की 121वीं वर्षगांठ के अवसर पर सैनिकों को श्रद्धां

5 Dariya News 2018-09-12 23:09:37

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ऐतिहासिक सारागड़ी जंग की 121वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस जंग में हिस्सा लेने वाले सैनिकों को गरिमापूर्ण श्रद्धांजलि भेंट की और आगामी वर्षगांठ से पहले अत्याधुुनिक सारागड़ी यादगार बनाने का भरोसा दिलाया है।सारागड़ी गुरूद्वारे में नतमस्तक होने के बाद आज यहाँ एक राज्य स्तरीय शहादत समागम के मौके मुख्यमंत्री उन महान शहीदों को श्रद्धाँजलि भेंट करने के लिए बरकी सुकएयर गए जिन्होंने भारत -पाक युद्ध के दौरान अपनी जानें न्योछावर की थी।सारागड़ी गुरुद्वारा कंपलैक्स में एक जलसे को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाना रिज्ज (अब पाकिस्तान) के नज़दीक बहादुरी की मिसाल कायम करते हुए अपनी जानें न्योछावर करने वाले 36 सिख के 22 सैनिकों को याद किया। इन सैनिकों ने 12 सितम्बर, 1897 में तकरीबन 10 हज़ार अफगानों के साथ लड़ते हुए शहादत पाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नायक लाल सिंह, लांस नायक चन्दा सिंह के साथ हवलदार ईशर सिंह के नेतृत्व में सिख रेजीमेंट के सैनिकों ने मिसाली बहादुरी और नायकों वाली भूमिका निभाते हुए 10 हज़ार अफगानों के साथ अपने अंतिम साँसों तक लड़ाई लड़ी।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इन शहीदों की याद में अत्याधुनिक यादगार के मॉडल की रूप रेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि 7वी इनफैंटरी डिवीजऩ के मेजर जनरल जे.एस.संधू के नेतृत्व में सारागड़ी यादगार प्रबंधक कमेटी इस यादगार के समूचे निर्माण कामों को देखेगी। उन प्रशासनिक कमेटी को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार सारागड़ी शहीदों को बढिय़ा तरीकों से श्रद्धांजलि भेंट करने के लिए तैयार किये जा रहे इस गौरवमयी प्रोजैकट के लिए पूरा सहयोग और समर्थन देगी।फिऱोज़पुर में मुकाबलेबाज़ी के इम्तिहानों के लिए सारागड़ी मेमोरियल इंस्टीच्युट स्थापित करने संबंधी स्थानीय विधायक परमिन्दर सिंह पिंकी द्वारा उठाई गई माँग के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबा सरकार इसका पूरी तरह जायज़ा लेने के बाद इस संबंधी ज़रूरी कदम उठाएगी। उन्होंने सारागड़ी क्लब स्थापित करने की माँग को पूरा करने का भी भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबा सरकार अपनी नशा विरोधी जंग के हिस्से के तौर पर अत्याधुनिक पुनर्वास सैंटर स्थापित करने की माँग का जायज़ा लेगी। 

मुख्यमंत्री ने फिऱोज़पुर छावनी में सैना द्वारा विशेष बच्चों के लिए चलाए जा रहे स्कूल के लिए राज्य सरकार की तरफ़ से हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिया।अपने स्वागती भाषण में जी.ओ.सी जे.एस संधू ने सारागड़ी यादगार को गौरवमयी प्रोजैकट के तौर पर विकसित करने के लिए निजी रूचि लेने के लिए कैप्टन अमरिन्दर सिंह का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजैकट नौजवानों में देश भक्ति और राष्ट्रीयता के जज्बे के प्रति प्रेरित करेगी।इससे पहले मुख्यमंत्री सारागड़ी गुरूद्वारे में नतमस्तक हुए जहां उनको सिरोपा भेंट किया गया।मुख्यमंत्री ने सारागड़ी शहीदों के 11 पारिवारिक सदस्यों को सिरोपा और लोई के साथ सम्मानित किया। इनमें हवलदार ईशर सिंह के वारिस संतोख सिंह, नायक लाल सिंह के वारिस बलराज सिंह, काबल सिंह और सरबजीत सिंह, लांस नायक चन्दा सिंह के वारिस हरबंस सिंह, सिपाही उत्तम सिंह के वारिस गुरनेक सिंह, सिपाही नरैण सिंह के वारिस महेन्दर सिंह, भगवान सिंह के वारिस जोगिन्द्र सिंह, सिपाही साहब सिंह के वारिस बलविन्दर सिंह, रघुबीर सिंह और जसपाल सिंह शामिल हैं।इसके बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने विभिन्न रेजिमेंटों के जवानों द्वारा बहादुरी की मिसाल पेश करते हुए शहीद होने वाले 28 सैनिकों के परिवार वालों को सम्मानित भी किया। सम्मानित होने वालों में सिख रेजीमेंट, सिख एल.आई, बहादुर कौर, पंजाब रेजीमेंट, 16 गार्ड, माहर रेजीमेंट, बी.ई.जी. किरकी, आर्टिलरी (282 मध्य रेजीमेंट), आम्र्ड रेजीमेंट, 8 सिख, 10 सिख, 4जे.ए.के आर.आई.एफ (28 आर.आर.), 51 फील्ड रेजीमेंट (आर्टिलरी), 113 इंजीनियर्ज रेजीमेंट, 13 सिख एल.आई, 2 सिख, 21 सिख, 92 फील्ड रेजीमेंट (आर्टिलरी), 19 पंजाब और 332 मध्य रेजीमेंट शामिल हैं।इस मौके पर कैबिनेट मंत्री (खेल और युवा सेवाएं) राणा गुरमीत सिंह सोढी, विधायक फिऱोज़पुर शहरी परमिन्दर सिंह पिंकी, विधायक ज़ीरा कुलबीर ज़ीरा, जी.ओ.सी जे.एस संधू, कमिशनर फिऱोज़पुर डिविजऩ सुमेर सिंह गुर्जर, डिप्टी कमिशनर बलविन्दर सिंह धालीवाल और एस.एस.पी प्रीतम सिंह उपस्थित थे।