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वर्तमान समय में अंग्रेजी के कारण कही न कही हमारी राजभाषा हिंदी लुप्त हो रहीं

Hindustan Samay 2018-09-14 11:06:43

वर्तमान समय में अंग्रेजी के कारण कही न कही हमारी राजभाषा हिंदी लुप्त हो रहीं

September 14, 2018 भारत वर्ष


हर वर्ष हिंदी दिवस 14 सितंबर को आता है. जैसा कि सभी लोग जानते है यह साल में एक दिन आता है व हम भी इसे एक दिन सेलिब्रेट करते है. ऐसा इसलिए कह रहे है क्योंकि वर्तमान समय में अंग्रेजी के कारण कही न कही हमारी राजभाषा हिंदी लुप्त हो रहीं हैैं. हर कोई आज अंग्रेजी के पीछे दौड़ रहा है. आज इस खास दिन पर आपको बताने जा रहे है ऐसे लेखक, उपन्यासकार के बारे में जिनकी तालीममें अंग्रेजी रही है लेकिन अपनी पहचान एक ख्यात कवि के तौर पर बनाई हैं. तो जानते है उनके बारे में –

हरिवंश राय बच्चन

देश ही नहीं ​बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी रचनाओं को लेकर हरिवंश राय बच्चन बहुत लोकप्रिय थेंलेकिन आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि उन्होंने अंग्रेजी में एम। ए।किया था. फिर भी उनका प्रेम हिंदी के लिए अधिक था.

रामविलास शर्मा, आलोचक

रामविलास शर्मा महान आलोचकों में शुमार थे. वह अपने सटीक वंक्तव्य के लिए जाने जाते थे. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में एम।ए। किया था. इसके बाद भी उन्होंने आखिरी में हिंदी को ही अधिक बढ़ावा दिया.

मोहन राकेश, कथाकार

मोहन राकेश बहुत बड़े थियेटर आर्टिस्ट थें. उन्होंने कई नाटक लिखें है, जिन्हें दर्शक खुब पसंद करते थे. आपको बता दे कि उन्होंन भी अंग्रेजी में एम। ए। किया था.

कुंवर नारायण, कवि

संपूर्ण राष्ट्र में अपने कविताओं के लिए कुंवर नारायण बहुत लोकप्रिय थे. लोग घंटों बैठकर उनकी कविताएं सुनते थे. इन्होंनेभीइंग्लिश में ही एम। ए। किया था लेकिन हिंदी के लिए कभी सम्मान कम नहीं हुआ.

2018-09-14