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अमोलेड बनाम एलसीडी : जानें दोनों में से कौन सा डिस्प्ले है बेहतर

android tech 2018-09-14 16:29:20


स्मार्टफोन में बेहतर परफॉर्मेंस के लिए प्रोसेसर साथ-साथ डिस्प्ले भी एक मुख्य कारक माना जाता है। आपको बता दें कि स्क्रीन क्वालिटी और पिक्सल रेजोल्यूशन एक दूसरे के अनुपातिक होते हैं। लेकिन अगर पिक्सल में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक की बात की जाए तो इसे समझना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। अगर हम स्मार्टफोन्स की बात करें तो इनमें दो तकनीक दी गई होती हैं। पहली AMOLED और दूसरी LCD है। लेकिन क्या आप इन दोनों स्क्रीन्स में अंतर जानते हैं। अगर नहीं, तो यहां हम आपके हर सवाल का जवाब देने जा रहे हैं।

सबसे पहले AMOLED डिस्प्ले के बारे में जानते हैं:

AMOLED नाम से आप यह समझ पाएंगे की यह टेलिविजन में इस्तेमाल होनी वाली OLED डिस्प्ले टेक्नोलॉजी का ही एक वेरिएंट है। सबसे पहले LED का मतलब जानते हैं। इसका मतलब Light Emitting Diode है। इसके बाद O का मतलब होता है Organic और AM का मतलब होता है Active Matrix जो किसी भी पिक्सल को बेहतर क्वालिटी देने में सक्षम होता है। AMOLED में OLED डिस्प्ले की सभी खासियतें जैसे कलर रिप्रोडक्शन, बेहतर बैटरी लाइफ, हाई ब्राइटनेस और शार्पनेस होती हैं। इसके अलावा AMOLED डिस्प्ले में TFT यानी थिन फिल्म ट्रांजिस्टर भी शामिल होता है जो पिक्सल को सही दिशा में भेजने के पूरे प्रोसेस को आसान और स्मूद बना देता है। वहीं, एक Active Matrix की मदद से TFT को अलग-अलग पिक्सल को ऑपरेट करने का कंट्रोल मिल जाता है

अब बात करते हैं LCD की:

LCD की बात करें तो यह स्मार्टफोन्स में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। इसका मतलब Liquid Crystal Display है। LCD डिस्प्ले में एक डेडिकेटड व्हाइट बैकलाइट होती है। यह ब्लू टिंट के साथ आता है। क्योंकी व्हाइट लाइट सभी कलर्स का मिश्रण होता है। इसके अलावा LCD डिस्प्ले में एक्टिव और पैसिव मैट्रिक्स दोनों दिया गया होता है। किस फोन में कौन सा मैट्रिक्स दिया जाएगा यह उसकी जरुरत और कीमत पर निर्भर करता है

AMOLED बनाम LCD :

अब इन दोनों स्क्रीन में से बेहतर कौन सी है यह जानना बेहद आवश्यक है। हालांकि, AMOLED डिस्प्ले को देखा जाए तो यह भविष्य के स्मार्टफोन्स के लिए बेहतर है लेकिन दोनों ही स्क्रीन्स के कुछ फायदे हैं और कुछ नुकसान। इस पोस्ट में हम आपको इन दोनों स्क्रीन्स में मुख्य फर्क क्या हैं इसकी जानकारी देने जा रहे हैं

कीमत:

दोनों ही तकनीकों में पहला मुख्य अंतर कीमत है। अगर आप AMOLED डिस्प्ले वाला बजट स्मार्टफोन ढूंढ रहे हैं तो यह आपके लिए बेहद मुश्किल साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि LCD डिस्प्ले काफी सस्ती कीमत में बनाए जा सकते हैं। जबकि AMOLED या OLED डिस्प्ले को बनाने में ज्यादा कीमत देनी पड़ती है

 कलर्स:

किसी भी डिस्प्ले की क्वालिटी उसकी शार्पनेस और कलर्स से मापी जाती है। वहीं, केवल तकनीक के आधार पर किसी डिस्प्ले को मापा नहीं जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर दो मैन्यूफैक्चरर एक ही तकनीक से किसी डिस्प्ले को बनाते हैं तो उनमें अंतर करना मुश्किल होता है और वो अलग-अलग रिजल्ट दे सकती हैं। अगर हम केवल कलर्स को देखें तो AMOLED के हाई-कॉन्ट्रासिंग कलर्स यूजर को बेहतर क्वालिटी देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि AMOLED डिस्प्ले का हर एक पिक्सल अपनी लाइट प्रोड्यूस करता है। जबकि LCD के पिक्सल की लाइट का सोर्स बैकलाइट होता है। AMOLED में ज्यादा कलर्स होते हैं जबकि LCD में व्हाइट कलर ही होता है। इसलिए ही AMOLED डिस्प्ले के कलर्स ज्यादा बेहतर होते हैं क्योंकि इसके व्हाइट्स में येलो और रेड टिंट दिया गया होता है

ब्राइटनेस:

इस सेगमेंट में एलसीडी स्क्रीन विजेता रही। क्योंकि AMOLED का लो लाइट ब्राइटनेस लेवल अच्छा नहीं है। जबकि LCD इस सेगमेंट में बेहतर परफॉर्म करता है। ऐसे में अगर आप धूप में स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं तो LCD डिस्प्ले ज्यादा बेहतर रिजल्ट उपलब्ध कराता है

बैटरी खपत:

बैटरी खपत मामले में फोन का डिस्प्ले भी एक अहम कारक माना जाता है। अगर AMOLED फोन में स्क्रीन बंद है तो आपकी बैटरी की खपत कम होगी। क्योंकि फोन में ब्लैक बैकग्राउंड रहता है। लेकिन LCD डिस्प्ले को एक डेडिकेटेड बैकलाइट चाहिए होती है तो ऐसे में इसमें बैटरी की खपत ज्यादा होती है। अगर LCD स्क्रीन के साथ कोई कंपनी ऑल्वेज ऑन डिस्प्ले देती है तो इससे बैटरी जल्दी खत्म होगी। इसी के चलते कंपनियां हमेशा ही AMOLED स्क्रीन के साथ ऑल्वेज ऑन डिस्प्ले देती हैं।

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