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चूड़ी पहनने के पीछे महिलाओं के होते हैं ये राज़,जानकर रह जाओगे हैरान !

Taaza Khoj 2018-09-14 17:22:20

हमारे शास्त्रों में हर त्योहार और मंगल कार्यों में भी महिलाओं को नई चूड़ियां पहनने का विधान बताया गया है। आमतौर पर चूड़ियों को लड़कियों और महिलाओं की सबसे अच्छी सहेली या दोस्त भी माना जाता है। लड़कियों और महिलाओं में आपने अक्सर चूड़ियों को लेकर एक अलग सा क्रेज देखा होगा।महिलाओं को  सोने,चांदी,कांच ,मेटल के अलावा लाख की चूड़ियां भी काफी पसंद आती हैं। सबसे पहले चूड़ियों को महिलाओं के श्रृंगार से जोड़ा जाता है। ऐसा नहीं है कि इन्हें सिर्फ परंपराओं और रीति रिवाज के लिए ही पहना जाता है। आज के मार्डन जमाने में भी महिलाएं फैशन के नाम पर ही सही हाथ में चूडियां और कड़े पहनना पसंद करती हैं।

# वैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया कि महिलाएं जिस भी धातु या मेटल की चूड़ियां हाथों में पहनती हैं। उस धातु का असर उनके शरीर पर भी पड़ता है। जैसे-सोने और चांदी की धातु से महिलाओं को मानसिक शांति मिलती है।

# कांच की लाल रंग की चूड़ियां पहनने से महिलाओं में रक्त संचार और ऊर्जा का स्तर सही बना रहता है। साथ ही लाल रंग को शुभता और सौभाग्य  का प्रतीक माना जाता है।

# इसके अलावा चूड़ियों पर हुए एक और शोध में ये पता चला कि चूड़ियां पहनने से लड़कियों और महिलाओं के हाथों के प्रेशर प्वाइंट्स पर दबाव पड़ता है। जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत हो जाती हैं और कई सारी बीमारियों के होने से बच जाती हैं।

# धार्मिक मान्यता है कि महिलाओं की चूड़ियों में दरार आना या उसके टूटने को अपशगुन माना जाता है। लेकिन वैज्ञानिक इसे महिलाओं के पास मौजूद नकारात्मक ऊर्जा की वजह मानते हैं। जब भी महिलाओं के पास नकारात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है, तो उसके प्रभाव से ही चूड़ियां टूटती हैं।