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बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा पनपता है मलेरिया, जानिए मलेरिया से कैसे बचाव करें

Digital Work 2018-09-14 17:40:47

हमें मौसम के अनुसार ही अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।मौसम के अनुसार ही हमें अपने खानपान का भी ख्याल रखना चाहिए। मच्छर एक ऐसा जीव है जो साल भर रहता है लेकिन अधिकतर यह है जुलाई से नवंबर तक ज्यादा घातक होता है। जब बरसात का मौसम शुरू होता है तब इससे मलेरिया फैलने का बहुत ज्यादा खतरा रहता है। मलेरिया एक ऐसी बीमारी है जिसका ठीक प्रकार से इलाज नहीं किया जाए तो यह व्यक्ति मृत्यु तक भी पहुंच सकता है।

 

आइए जानते हैं बरसात के मौसम में मलेरिया से बचने के लिए क्या सावधानियां बरती जाए-

1.बरसात के मौसम में मलेरिया के वायरस ज्यादा फैलते हैं। जिसका प्रभाव काफी खतरनाक होता है।मलेरिया के मच्छर का जानलेवा डंक बच्चों से लेकर बड़ों तक अपना असर छोड़ता है। बरसात के मौसम में मच्छर जगह-जगह पनपने लगते हैं क्योंकि बरसात का पानी जब इकट्ठा होता है तब उसमें मच्छर जन्म लेते हैं और उनकी संख्या भी ज्यादा होती है।वह रात के अलावा हमें दिन में भी परेशान करते रहते हैं। यूं तो मच्छर गंदगी में ज्यादा पनपते हैं लेकिन वह खुले में भी हो सकते हैं।

2.खासतौर पर जब की एनाफिलीज मच्छर प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम जीवाणु शरीर में फैलाते हैं।यह परजीवी जानलेवा मलेरिया फैलाते हैं इसके साथ-साथ यह कई घातक बीमारियों को जन्म भी देते हैं। मच्छरों को मारने वाली दवाइयों का समय-समय पर छिड़काव करना चाहिए कहीं भी पानी इकट्ठा नहीं रखना चाहिए कूलर बर्तन टायरो आदि में पानी इकट्ठा नहीं करना चाहिए।


3.सबसे ज्यादा देखभाल गर्भवती महिलाओं को रखनी चाहिए।गर्भवती महिलाओं में मलेरिया होने पर उनके बच्चों का वजन भी कम होता है साथ ही वे कई बीमारियों के और संक्रमण के भी शिकार हो जाते हैं। ऐसे बच्चों की 1 वर्ष के अंदर मृत्यु भी हो सकती है इसलिए गर्भवती महिलाएं अपना खास तौर पर ध्यान रखें।

4.कुछ शोधों के मुताबिक तापमान में वृद्धि होते ही मलेरिया मच्छर अधिक पनपते हैं।मलेरिया वाले मच्छर पहाड़ी इलाकों में ज्यादा पनपते हैं क्योंकि वहां जलवायु परिवर्तन होता रहता है।

5.मलेरिया की रोकथाम के लिए रोजाना नालियों गड्ढों व घरों की पानी की टंकी आदि स्थानों पर जहां मच्छर पनपते हैं उनको साफ रखें।यदि मलेरिया हो जाए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं किसी भी प्रकार की लापरवाही ना करें।