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Big Breaking : जयपुर सेंट्रल जेल की रसोई में 'सुरंग'!, जेल प्रशासन हैरान-परेशान

Patrika 2018-09-14 19:02:37

धीरेन्द्र भट्टाचार्य / जयपुर. जेल की रसोई के लिए आने वाले खाने के सामान में मोबाइल फोन और मादक पदार्थ के पैकेट छिपाकर कैदियों तक पहुंचाने के खेल का खुलासा हुआ है। जेल में गुरुवार को की गई आकस्मिक जांच में मिले सात मोबाइल फोन के बाद जेल प्रशासन ने लालकोठी थाने में नामजद मामला दर्ज करवाया है। बीते एक माह में जयपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन मिलने का यह पांचवां बड़ा मामला सामने आया है।

 

मिलीभगत की आशंका
जेल प्रशासन भी दबी जुबान में यह स्वीकार कर रहा है कि जयपुर सेंट्रल जेल के रसोइघर और फैक्ट्री में आने वाली सामग्री में भी मोबाइल फोन तथा सिम कार्ड छिपाकर भेजे जा रहे हैं। तस्करी के इस नए रास्ते की जानकारी कैदियों से पूछताछ में ही सामने आई है।

 

जेल में आने वाली सामग्री के जरिए मोबाइल और मादक पदार्थ की तस्करी करने के मामले में जेलकर्मियों की मिलीभगत की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है। इससे पहले कैदियों के अदातल में तारीख-पेशी पर आने-जाने, खाने के पैकेट-टिफिन और पूजन सामग्री के जरिए जेल में तस्करी के सामान के पहुंचने का खुलासा हो चुका है। जेल प्रशासन ने भी माना है कि जयपुर सेंट्रल जेल के मुख्य प्रवेश द्वार पर जांच के मामले में की गई सख्ती के चलते तस्करों ने दूसरे रास्ते अपना लिए हैं।

 

जेल में मोबाइल भी बिकता है
सूत्रों ने बताया कि जेल में जिस कैदी के पास मोबाइल होता है, उसका अन्य कैदियों पर पूरा दबदबा रहता है। मोबाइलधारी कैदी दूसरे कैदियों की मोबाइल पर बातचीत करवाने की एवज में मोटी रकम वसूलता है, बल्कि जमानत मिल जाने पर वह अपना मोबाइल जेल में ही दूसरे कैदी को मुंहमांगी दर पर बेच भी जाता है।

 

हां, जेल में रसोई के सामान और अन्य सामग्री में मोबाइल और मादक पदार्थ भेजन के प्रकरण सामने आए हैं। जेल में लगातार मोबाइल फोन मिलने के सभी कारणों पर जांच की जा रही है। जेलकर्मियों की मिलीभगत सामने आने पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के नए उपकरणों के लिए सरकार को पत्र भी लिखा है।

डा. भूपेंद्र सिंह यादव, डीजी जेल