newsdog Facebook

गांव की हालत है इतनी खराब कि यहां के पानी में भी मिली हुई है शराब

Dainik Savera Times 2018-09-27 09:30:38

‘सुनो सरपंच साब’ के पिछले तीन भागों में हमने आपको पानी की समस्या से जूझते तीन गांवो से परीचित करवाया। कार्यक्रम के दौरान समझ आया कि विकास का दावा करने वाला हमारा देश अपने ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं तक तो मुहैया नहीं करवा पाई। अपने इस कार्यक्रम के जरिए हमने अभी तक गंदे पानी, कैमिकल वाले पानी के बारे में बताया लेकिन आज जिस गांव की हम बात कर रहे उस गांव में शराब मिला पानी आता है। 

जिला होशियारपुर में पड़ता गांव ‘बोदल छावनी’ वहीं बदनसीब गांव हैं, जहां मोटर से आने वाला पानी पास लगी शराब की मिल के कारण पूरी तरह खराब हो चुका है। बोदल छावनी से कुछ ही दूरी पर शराब की मिल है। लोगों की जिंदगी से खेलने के लिए बेखौफ होकर इस शराब मिल से ये जहरीला पानी छोड़ा जा रहा है। शराब मिल द्वारा छोड़े जा रहे इस पानी से कोई आम बिमारी नहीं बल्कि कैंसर, आंत की बिमारियां और चर्म रोग जैसी समस्या से गांव वाले जकड़ते जा रहे हैं। जहां एक तरफ इस गांव का पानी शराब मिल के कारण खराब हो चुका वहीं इस गांव में पानी की निकासी का भी कोई प्रबंध नहीं। कीचड़ से भरी नालियों से गंदी बदबू पूरे गांव में फैली हुई जो कि गांव में बिमारियों को और बढ़ावा दे रहा है। 

इस गांव की दूसरी समस्या सुन कर आपको हैरानी जरूर होगी लेकिन ये समस्या भी गांव को परेशान किए हुए है। गांव को परेशान करने वाली समस्या है ट्रैफिक की। दरअसल शराब मिल के साथ ही यहां गन्ना मिल भी चलाई जा रही है। गन्ना लेकर आने वाले किसान गन्ने से लद्दी हुई गाड़ियां लेकर इसी गांव से होकर गुजरते हैं जिसके कारण गांव वालों को ट्रैफिक से भी रूबरु होना पड़ रहा है।

दैनिक सवेरा की टीम ने जब गांव के लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जाना तो उसमें सरकार और अपने सरपंच के लिए आक्रोश साफ दिखाई दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक गांव में कैंसर की वजह से कई लोग अपनी जान गवा चुके हैं लेकिन इस मिल से निकलने वाले गंदे पानी के खिलाफ़ कोई कार्रवाही नहीं हुई। गांव में चर्म रोग, आंत की बिमारी और कैंसर जैसी भयानक बिमारी के मरीजो की संख्या में भी वृद्धि हुई तो बिमारी से मरने वालों की संख्या में भी।

दैनिक सवेरा की टीम ने जब गांव मुआयना किया तो देखा गांव में कचरे के निपटारे का भी कोई प्रबंध नहीं हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दिये। गांव से गुजरती गलियां और गलियों से होती हुई गंदे पानी की नालिया दोनों की हालत बेहद खराब थी। नालियों का पानी गलियों में से होकर बह रहा था। इस गंदे पानी की बदबू के कारण गलियों का पार करना भी मुश्किल था। गांव में विकास के नाम पर कुछ खासा काम नहीं हुआ लेकिन इसके हालत जरूर खराब हुई है। और इसी तरह से अगर देश के गांवों के अच्छे दिन आगे भी बने रहे तो यह विकासशील भारत एक जरूर विकसित हो जाएगा लेकिन किस कीमत पर इसका अंदाजा आप खुद लगाएं।

गांव बोदल छावनी पर दैनिक सवेरा के कार्यक्रम सुनो सरपंच साब की रिपोर्ट देखने के लिए आप बार कोड स्कैन कर सकते है। इसके अलावा आप हमारे यू-ट्यूब चैनल को भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।