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शादी के बाद संबंध अपराध नहीं तो तीन तलाक पर क्यों उठे सवालः ओवैसी

Dainik Savera Times 2018-09-27 13:06:09

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने शादी के बाद अवैध संबंधों को अपराध की श्रेणी से  बाहर कर दिया है और सेक्शन 497 भी खत्म कर दिया है, जिस पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने टिप्पणी की है। ओवैसी ने कहा कि अगर समलैंगिकता और व्याभिचार अपराध नहीं है तो फिर तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में क्यों लाया गया है। 

ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक को अपराध मानना गलत है क्योंकि इस्लाम में निकाह एक करार है. हमारा समाज पितृसत्तात्मक है, फिर महिलाओं की मदद कौन करेगा, जब पति जेल में हो, तो पत्नी उसका इंतजार क्यों करे। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को कभी अवैध नहीं ठहराया। 

ओवैसी ने कहा है कि यह तीन तलाक का अध्यादेश पूरी तरह मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ है। यहां तक कि ओवैसी ने मोदी सरकार के इस फैसले को समानता के मूलभूत अधिकार के खिलाफ बताया।

मोदी कैबिनेट की ओर से लाए गए अध्यादेश का विरोध करने के साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इस्लाम के तहत शादी एक सिविल कॉन्ट्रैक्ट है और उसमें आपराधिक प्रावधान लागू करना बिल्कुल गलत है। ओवैसी ने मांग की है कि सरकार तीन तलाक कानून का आपराधिकरण करने के बजाय उन 24 लाख शादी-शुदा महिलाओं के लिए कानून लाए, जिन्हें बिना तलाक दिए उनके पति छोड़ चुके हैं।