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पांच साल बाद किसानों को मिलेगा पानी, भरपूर होगी रबी फसल की सिंचाई

Patrika 2018-10-09 10:47:04

टीकमगढ़.किसानों को इस साल तालाब, नदियां सहित नहरों से रबी की फसलों में तीन से अधिक पानी सिंचाई के लिए मिलेंगे। यह स्थिति जिले में करीब पांच सालों बाद बनी है। जलसंसाधन विभाग द्वारा तालाबों से पानी छोड़ा जाएगा। वहीं कृषि विभाग ने भी रबी की फसल रबी की फसल में गेंहू,चना, सरसों और मटर का लक्ष्य निधारित कर लिया है। 2 लाख हेक्टयर से अधिक रबी की खेती की बुवाई की जाएगी। बारिश पयाप्त होने से किसान सबसे ज्यादा भरोसा गेंहू पर कर रहा है। इस बजह से कुल बोवनी का रकबा 60 प्रतिशत से अधिक है। मानसून विदाई के बाद किसान रबी सीजन की फसल गेंहू, चना, सरसों, मटर और मसूर की तैयारी में जुट गया है। खाद, बीज वाहनों के लिए डीजल खरीद रहा है। मौजूदा समय में उड़द की थ्रेसिंग पूरी होकर खेतों की जुताई हो चुकी है।
पारा घटे तो बोवनी शुरू
रबी सीजन की बोवनी जल्द शुरू होगी। बोवनी में तापमान रोड़ा बना हुआ है। तापमान 36 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। जबकि गेंहू चना की बोवनी के लिए 23 से 25 डिग्री तापमान की जरूरत पड़ रहा है। करीब 15 दिन बाद तापमान में गिराबट हो सकती है। इसके बाद सिंचाई कर बोवनी शुरू हो सकती है। वैसे भी दीपावली के आसपास ही बोवनी शुरू हो जाएगी। 7 नवम्बर को दिवाली है। रबी सीजन की बोवनी नवम्बर महीने से ही शुरू होती है। बोवनी की तैयारी में किसानों शुरू कर दी है। हालाकि इस साल किसानों को खाद, बीज और डीजल को महंगें दामों में खरीद रहे है। जिससे किसानों को महंगाई की मार को झेलना पड़ रहा है।
पिछले साल 25 प्रतिशत भी नहीं था पानी
पिछले वर्ष बारिश कम होने के कारण फसलों को पानी नहीं मिला पाया था। स्थिति यह थी कि जिले के एक सैकड़ा से अधिक तालाबों में पानी पीने लायक भी नहीं था। रबी फसल का बीज खेतों में पड़ा रह गया था। तालाबों,नदियों और नहरों से पानी नहीं होने के कारण बोवनी नहीं हो पाई थी।


सात साल बाद भरा पृथ्वीपुर का तालाब
लगातार सूखा पढऩे के कारण पृथ्वीपुर क्षेत्र में रबी की बोवनी 10 से 20 प्रतिशत ही हो पाती थी। क्षेत्र के किसान शहर और दूसरे शहरों में मजदूरी के लिए पलायन कर गए थे। इस वर्ष पर्याप्त बारिश होने के कारण क्षेत्र लगभग सभी तालाब लवालव भर गए है। क्षेत्र के तालाबों में अधिक पानी होने के कारण किसानों ने बोवनी का रकबा 60 फीसदी बढ़ा लिया है। लेकिन महंगाई के कारण किसान चिंता में है।
खरगापुर क्षेत्र आज भी सूखा
जिले में औसत से अधिक बारिश होने के बाद भी खरगापुर और बल्देवगढ़ क्षेत्र के तालाब खाली पड़े हुए है। तालाब खाली होने के कारण प्रशासन ने उनसे पानी निकालने में पाबंदी भी लगा दी है। जिसके कारण रकबा कम हो गया है। हालांकि कुओं और ट्यूब बैंलों से किसानों ने सिंचाई शुरू कर दी है।
पिछले वर्ष इस वर्ष तीन अधिक बोवनी का लक्ष्य
जिले में पिछले वर्ष रबी की फसल का लक्ष्य 82 हजार 920 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन इस बार 2 लाख 35 हजार 340 हेक्टेयर में रबी की फसल बोने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्ष से 3 गुना अधिक रबी की खेती की जाएगी।
फैक्ट फायल
वर्ष 2017 में रबी की फसल का कुल लक्ष्य - 82 हजार 920 हेक्टेयर
इस वर्ष रबी की फसल का कुल लक्ष्य - 2 लाख 35 हजार 340 हेक्टेयर
गेंहू का कुल लक्ष्य - 1 लाख 64 हजार 560 हेक्टेयर
सरसों का कुल लक्ष्य - 23 हजार 720 हेक्टेयर
चना का कुल लक्ष्य - 19 हजार 850 हेक्टेयर
मसूर का कुल लक्ष्य - 2005 हेक्टेयर
इनका कहना
अभी किसानों द्वारा उड़द की खेती की थे्रसिंग की जा रही है। विभाग द्वारा रबी की बोवनी के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके अनुसार रबी की खेती को किया जाएगा।
एस के श्रीवास्तव उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विभाग टीकमगढ़।
इस वर्ष जिले के कई तालाब पानी से भर गए है। जो तालाब पूर्ण तरीके से भर गए है , उन तालाबों की नहरों को चालू किया जाएगा। इसके साथ ही जो तालाब बारिश से नहीं भर पाए है, उन तालाबों की नहरों पर कलेक्टर द्वारा रोक लगा दी गई है।
के के मिश्रा ईई जल संसाधन विभाग टीकमगढ़।