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मधुमेह रोगो का काल हैं भीगा हुआ बादाम बस इसे खाने का तरीका पता होना चाहिये

Samachar Nama 2018-10-09 17:36:42

आजकल के इस भागदौड़ में और अनियमित जीवनशैली के चलते जो बीमारी सर्वाधिक लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है वह है मधुमेह। मधुमेह को धीमी मौत भी कहा जाता है। यह ऐसी बीमारी है जो एक बार किसी के शरीर को पकड़ ले तो उसे फिर जीवन भर छोड़ती नहीं।

इस बीमारी का जो सबसे बुरा पक्ष है वह यह है कि यह शरीर में अन्य कई बीमारियों को भी निमंत्रण देती है। मधुमेह रोगियों को आंखों में दिक्कत, किडनी और लीवर की बीमारी और पैरों में दिक्कत होना आम है। पहले यह बीमारी चालीस की उम्र के बाद ही होती थी लेकिन आजकल बच्चों में भी इसका मिलना चिंता का एक बड़ा कारण हो गया है।

अकसर हमने बड़े बुजुर्गो से सुना है कि मेवे खाना चाहिए, मेवे बहुत पोष्टिक होते है और मेवे में सबसे ज्यादा फायदेमंद बादाम होता है। इसमें फाइबर,प्रोटीन, फैट, विटामिन 37 प्रतिशत, मेग्निशियम 20 प्रतिशत होता है। इन सबके अलावा इसमें कॉपर विटमिन B2 एंव फास्फोरस भी  होता है।बादाम भिगोकर उसकी त्वचा में मौजूद टैनिन और एसिड की मात्रा को कम किया जाता हैं क्योंकि यह टैनिन और एसिड शरीर के  पोषक तत्वों को आगे बढ़ने से रोक सकते हैं।

भीगे हुए बादाम खाने से आपके पूरे शरीर को फायदा पहुंचेगा।बादाम को रात में पानी में भिगोने से छिलका आसानी से उतर जाता है और नट्स को पोषक तत्‍वों को रिहा करने की अनुमति देता है।

जिन्हें शुगर हो चुकी है उनमे बादाम कमजोरी को दूर करता है और खाना खाने के बाद अगर बादाम लिया जाए तो यह शुगर में इंसुलिन को बढ़ने से रोकता है जिससे डायबिटीज से बचा जा सकता है।